भारत-रूस व्यापार संबंध 2030 तक 100 अरब डॉलर के लक्ष्य की ओर : राजदूत विनय कुमार

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  [email protected] | Date 26-01-2026
India-Russia trade relations are rapidly progressing towards the target of $100 billion by 2030: Ambassador Vinay Kumar
India-Russia trade relations are rapidly progressing towards the target of $100 billion by 2030: Ambassador Vinay Kumar

 

मॉस्को

भारत और रूस द्विपक्षीय व्यापार को वर्ष 2030 तक 100 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचाने के लक्ष्य की दिशा में आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहे हैं। यह बात रूस में भारत के राजदूत विनय कुमार ने भारत के 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर कही। उन्होंने कहा कि बीते एक वर्ष में भारत-रूस संबंधों में उल्लेखनीय सक्रियता देखने को मिली है और व्यापारिक सहयोग के नए रास्ते लगातार खुल रहे हैं।

राजदूत विनय कुमार ने पीटीआई से बातचीत में कहा कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की हालिया भारत यात्रा बेहद सफल रही। उन्होंने विश्वास जताया कि 2030 तक 100 अरब डॉलर का द्विपक्षीय व्यापार लक्ष्य पूरी तरह से संभव है। उन्होंने कहा, “व्यापार टोकरी को विस्तारित करने के लिए नए उत्पादों की पहचान की जा रही है और प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) इस लक्ष्य को हासिल करने में अहम भूमिका निभाएगा।”

राजदूत ने बताया कि भारत-रूस व्यापार में उर्वरक, कृषि, इंजीनियरिंग और ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में नई संभावनाएं उभर रही हैं। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2024-25 में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचते हुए लगभग 68.7 अरब डॉलर रहा। इसमें रूस से कच्चे तेल के बड़े पैमाने पर आयात की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

उन्होंने यह भी बताया कि अब दोनों देशों के बीच व्यापार का बड़ा हिस्सा राष्ट्रीय मुद्राओं में किया जा रहा है और यह रुझान आगे भी जारी रहेगा। इससे न केवल लेन-देन को आसान बनाने में मदद मिलेगी, बल्कि दोनों अर्थव्यवस्थाओं के बीच भरोसा और मजबूती भी बढ़ेगी।

इससे पहले, मॉस्को स्थित भारतीय दूतावास परिसर में 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर आयोजित समारोह में बड़ी संख्या में एकत्र भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए राजदूत कुमार ने कहा कि भारत-रूस संबंध इस समय “सक्रिय और परिणामोन्मुख” चरण में हैं। उन्होंने प्रवासी भारतीयों की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि वे दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक और आर्थिक सेतु का काम कर रहे हैं।

गौरतलब है कि पिछले महीने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की भारत यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी विश्वास जताया था कि भारत-रूस के बीच 100 अरब डॉलर का व्यापार लक्ष्य 2030 से पहले ही हासिल कर लिया जाएगा। भारत-रूस बिजनेस फोरम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने रूसी कंपनियों को ‘मेक इन इंडिया’ के तहत भारत आने और साझेदारी करने का आमंत्रण दिया था।विशेषज्ञों का मानना है कि ऊर्जा, रक्षा, प्रौद्योगिकी और विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में बढ़ता सहयोग भारत-रूस रणनीतिक साझेदारी को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में मदद करेगा।