गणतंत्र दिवस पर शहीद पुलिसकर्मियों के परिवारों के बीच पहुँची जम्मू-कश्मीर पुलिस, समर्थन का भरोसा

Story by  एटीवी | Published by  [email protected] | Date 26-01-2026
On Republic Day, Jammu and Kashmir Police reached out to the families of martyred police personnel, assuring them of respect and support.
On Republic Day, Jammu and Kashmir Police reached out to the families of martyred police personnel, assuring them of respect and support.

 

श्रीनगर

77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर श्रीनगर ज़िले में जम्मू-कश्मीर पुलिस ने कर्तव्य निभाते हुए शहीद हुए अपने जांबाज़ पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस मौके पर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने शहीदों के परिवारों से मुलाकात कर उनके सर्वोच्च बलिदान के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त की तथा हर परिस्थिति में उनके साथ खड़े रहने का आश्वासन दिया।

पुलिस के विभिन्न यूनिटों और प्रतिष्ठानों से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी शहीदों के परिजनों के घर पहुंचे। उन्होंने न केवल परिवारजनों से आत्मीय बातचीत की, बल्कि उनकी समस्याओं और ज़रूरतों को भी गंभीरता से सुना। अधिकारियों ने यह स्पष्ट किया कि जम्मू-कश्मीर पुलिस शहीदों के परिवारों को कभी अकेला नहीं छोड़ेगी और विभागीय सहयोग लगातार जारी रहेगा।

पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि यह पहल केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं थी, बल्कि शहीदों और उनके परिवारों के साथ पुलिस बल के भावनात्मक और नैतिक जुड़ाव का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि शहीद पुलिसकर्मियों ने राष्ट्र की सुरक्षा और शांति के लिए अपने प्राणों की आहुति दी है, जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता।

इस अवसर पर शहीदों के परिवारों को मिठाइयाँ और छोटे उपहार भी भेंट किए गए। यह प्रतीकात्मक कदम विभाग और उसके वीर जवानों के परिवारों के बीच स्थायी रिश्ते और सम्मान को दर्शाता है। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि यह छोटा सा प्रयास शहीदों की स्मृति और उनके परिवारों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का माध्यम है।

परिवारजनों ने भी पुलिस की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के अवसरों पर पुलिस का साथ और संवेदनशीलता उनके लिए भावनात्मक संबल का काम करती है। उन्होंने उम्मीद जताई कि शहीदों के त्याग को आने वाली पीढ़ियां याद रखेंगी और उनसे प्रेरणा लेंगी।

जम्मू-कश्मीर पुलिस ने दोहराया कि शहीदों के परिवारों का सम्मान और देखभाल उसकी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया कि शहीदों के योगदान को न केवल विशेष अवसरों पर, बल्कि हर समय सम्मान के साथ स्मरण किया जाएगा।

गणतंत्र दिवस के अवसर पर की गई यह पहल उस परंपरा को मजबूत करती है, जिसमें राष्ट्र के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वालों को सिर्फ याद ही नहीं किया जाता, बल्कि उनके परिवारों की जिम्मेदारी को भी साझा किया जाता है। यह संदेश साफ है कि शहीद कभी अकेले नहीं होते—उनके पीछे पूरा राष्ट्र खड़ा होता है।