Recommendation to ensure CCTV surveillance in all child care institutions in Haryana
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
हरियाणा मानवाधिकार आयोग (एचएचआरसी) ने बच्चों की सुरक्षा और मजबूत करने के लिए राज्य के सभी बाल देखभाल संस्थानों (सीसीआईएस) में पर्याप्त और प्रभावी सीसीटीवी निगरानी सुनिश्चित करने की सिफारिश की है।
आयोग ने कहा है कि सभी आवश्यक स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगे होने के साथ-साथ चालू हालत में भी होने चाहिए। साथ ही, फुटेज को कम से कम छह महीने तक सुरक्षित रखने के लिए पर्याप्त स्टोरेज और बैकअप व्यवस्था होनी चाहिए।
आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति ललित बत्रा, सदस्य (न्यायिक) कुलदीप जैन और सदस्य दीप भाटिया की पीठ ने एक शिकायत पर हाल में यह आदेश पारित किया।
मामला करनाल के मधुबन स्थित ‘प्लेस ऑफ सेफ्टी’ में बच्चों के साथ मारपीट के आरोपों से जुड़ा था। पुलिस ने मामले की जांच की और उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज तथा अन्य सामग्री के आधार पर वहां के कर्मचारियों द्वारा बच्चों से मारपीट किए जाने के आरोपों की पुष्टि नहीं हो सकी। पुलिस जांच में भी किसी संज्ञेय अपराध के होने का पता नहीं चला।
सभी जिलों से प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर महिला एवं बाल विकास विभाग राज्य-स्तरीय समेकित अनुपालन रिपोर्ट तैयार कर आयोग को सौंपेगा। अरोड़ा ने बताया कि मामले की अगली सुनवाई के लिए चार फरवरी 2027 की तारीख तय की गई है।'
वेणुगोपाल ने लोकसभा अध्यक्ष से यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया कि समिति सभी प्रभावित हितधारको, एनजीओ, धर्मार्थ संस्थाओं, धार्मिक निकायों, स्वैच्छिक संगठनों, कानूनी विशेषज्ञों और राज्य सरकारों से विचार एवं सुझाव प्राप्त करे।