सभी को मताधिकार का सुझाव दिया था महात्मा गांधी ने, बहस अब भी जारी

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 01-10-2026
Mahatma Gandhi had suggested universal suffrage, the debate still continues.
Mahatma Gandhi had suggested universal suffrage, the debate still continues.

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
मतदाता सूची में कौन शामिल हो सकता है और कौन नहीं, इस पर हालिया बहस शुरू होने से लगभग एक सदी पहले ही महात्मा गांधी ने सभी के लिए मताधिकार की पुरजोर वकालत की थी।
 
इसके लगभग डेढ़ दशक बाद, जब आजाद भारत का संविधान तैयार किया जा रहा था, तो इसके निर्माता बी.आर. आंबेडकर और कुछ अन्य नेताओं ने मतदान को मौलिक अधिकार बनाने का प्रस्ताव रखा था, लेकिन 1947 में संविधान सभा द्वारा गठित एक सलाहकार समिति ने इस विचार को खारिज कर दिया।
 
अगले कुछ वर्षों में संविधान सभा में इस मुद्दे पर कई बार बहस हुई।
 
तब से यह मुद्दा समय-समय पर चर्चा में रहा है, लेकिन अब निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के कारण इस पर ध्यान और ज्यादा केंद्रित हो गया है। इस प्रक्रिया में करोड़ों नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं और कई अन्य लोगों के नाम हटने का खतरा बना हुआ है।