Public sector banks' share in gold loan market declines, private banks-NBFCs grow: Report
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
सोने के बदले कर्ज (स्वर्ण ऋण) के बाजार में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का वर्चस्व धीरे-धीरे घट रहा है, जबकि निजी बैंक एवं गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां (एनबीएफसी) अपनी पकड़ मजबूत करती जा रही हैं। मंगलवार को एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई।
क्रेडिट डेटा विश्लेषक फर्म एक्सपीरियन की ‘स्वर्ण ऋण बाजार के विकास एवं उपभोक्ता रुझान’ शीर्षक से जारी रिपोर्ट कहती है कि बेहतर वितरण नेटवर्क, तेज ऋण स्वीकृति और ग्राहकों की बदलती पसंद स्वर्ण ऋण के कारोबार में आए इस बदलाव के प्रमुख कारण हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, स्वर्ण ऋण स्रोत में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की हिस्सेदारी मार्च तिमाही 2025-26 में घटकर 37 प्रतिशत रह गई, जो एक साल पहले इसी तिमाही में 45 प्रतिशत और जुलाई-सितंबर तिमाही 2025-26 में 53 प्रतिशत थी।
इसके विपरीत, एनबीएफसी की इस ऋण बाजार में हिस्सेदारी बढ़कर मार्च तिमाही में 44 प्रतिशत हो गई, जो एक साल पहले 33 प्रतिशत और सितंबर तिमाही 2024 में 22 प्रतिशत थी।
रिपोर्ट में कहा गया है कि एनबीएफसी इस क्षेत्र में सबसे तेजी से बढ़ने वाली ऋणदाता श्रेणी बनकर उभरी हैं और उन्होंने हाल की तिमाहियों में लगातार बाजार हिस्सेदारी बढ़ाते हुए मार्च तिमाही 2026 तक सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को पीछे छोड़ दिया है।