पासपोर्ट कभी नागरिकता का प्रमाण नहीं रहा: सरकारी सूत्र

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 25-06-2026
Passport has never been proof of citizenship: Government sources
Passport has never been proof of citizenship: Government sources

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
 पासपोर्ट कभी भी नागरिकता का सबूत नहीं रहा है और मोदी सरकार ने पिछले 12 सालों में इस दस्तावेज़ को लेकर कोई नया फ़ैसला नहीं लिया है। सरकार के सूत्रों ने बृहस्पतिवार को यह बात कही।
 
पासपोर्ट को यात्रा दस्तावेज बताने और नागरिकता का सबूत नहीं होने की बात कहने संबंधी विदेश मंत्रालय के बयान पर मीडिया में आईं खबरों को लेकर सूत्रों ने कहा कि यह कल तय नहीं किया गया है कि पासपोर्ट नागरिकता का सबूत नहीं है।
 
सूत्रों ने कहा कि पासपोर्ट अधिनियम 1967 के अनुसार, गैर-नागरिकों को भी पासपोर्ट दिया जा सकता है।
 
एक सूत्र ने कहा, ‘‘यह कल तय नहीं किया गया है कि पासपोर्ट नागरिकता का सबूत नहीं है। पिछले 12 सालों में भी ऐसा कोई फ़ैसला नहीं लिया गया। पासपोर्ट कभी भी नागरिकता का प्रमाण नहीं रहा है।’’
 
विदेश मंत्रालय के अधिकारियों के हवाले से खबरों में कहा गया कि पासपोर्ट यात्रा का दस्तावेज है, नागरिकता का सबूत नहीं। उन्होंने कहा कि यह ऐसा दस्तावेज नहीं है जो नागरिकता साबित करता हो।
 
तृणमूल कांग्रेस नेता महुआ मोइत्रा ने इस मुद्दे पर सरकार पर तंज कसा।
 
उन्होंने ‘एक्स’ पर कहा, ‘‘ऐसा लगता है कि आज भारतीय नागरिकता का एकमात्र सबूत हिंदू और भाजपा का मतदाता होना है। इसके अलावा और कुछ नहीं चलेगा।’’
 
राज्यसभा सदस्य कपिल सिब्बल ने भी इस मामले पर सरकार पर निशाना साधा।
 
उन्होंने ‘एक्स’ पर कहा, ‘‘तो फिर कौन सा दस्तावेज नागरिकता का साक्ष्य है? बीएलओ मेरी नागरिकता पर शक कर सकता है, मुझे वोट देने से रोक सकता है। नतीजा : भाजपा चुनाव जीत जाती है।’’