News of discontinuation of medicines is misleading and baseless: Kerala Social Security Mission
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
केरल सामाजिक सुरक्षा मिशन ने कहा है कि टाइप-1 मधुमेह से पीड़ित बच्चों और किशोरों के लिए ‘मिट्टाई’ परियोजना के तहत मिलने वाली दवाएं बंद नहीं की गई हैं। उसने इस संबंध में आईं खबरों को ‘‘निराधार’’ बताया।
मिशन ने कहा कि उसके संज्ञान में आया है कि मीडिया के एक वर्ग ने खबर दी है कि टाइप-1 मधुमेह से पीड़ित बच्चों और किशोरों की देखभाल के लिए शुरू की गई व्यापक समुदाय-आधारित परियोजना के तहत मिलने वाली दवाएं लाभार्थियों को नहीं दी जा रही हैं।
एक बयान में कहा गया कि ऐसी खबरें तथ्यात्मक रूप से गलत हैं।
बयान के अनुसार, सरकार राज्य में मधुमेह से पीड़ित लगभग 2,000 बच्चों को मुफ्त सेवाएं प्रदान कर रही है।
‘मिट्टाई’ क्लीनिक में ‘रेगुलर इंसुलिन’ और ‘एनालॉग इंसुलिन’ उपलब्ध हैं। सरकारी मेडिकल कॉलेजों और कुछ जिलों में स्वास्थ्य केंद्रों के माध्यम से सेवाएं प्रदान की जा रही हैं।