आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
नेपाल पुलिस ने लोगों को सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे उन ‘झूठे और निराधार’ दावों से सावधान रहने को कहा है, जिनमें आरोप लगाया गया है कि सुरक्षा एजेंसियों ने बाढ़ पीड़ितों के लिए भेजी गई राहत सामग्री ले ली, लेकिन उसका वितरण नहीं किया।
समाचार पोर्टल ‘रातोपति डाट कॉम’ के अनुसार, यह चेतावनी ‘सीपीएन (यूएमएल) के सचिव महेश बस्नेत के उन आरोपों के बाद आई है, जिसमें उन्होंने कहा था कि राहत सामग्री सेना और पुलिस की बैरकों तथा कार्यालयों में रखी जा रही है और कुछ खाद्य सामग्री सड़ने के लिए छोड़ दी गई।
नेपाल पुलिस ने मंगलवार को जारी एक बयान में कहा कि सोशल मीडिया के माध्यम से सुरक्षा एजेंसियों को निशाना बनाकर ‘‘निराधार, मनगढ़ंत और भ्रामक’’ सूचनाएं प्रसारित किए जाने की जानकारी उसके संज्ञान में आई है।
पुलिस ने कहा कि पिछले महीने हिमालयी देश में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद नेपाली सेना, नेपाल पुलिस और सशस्त्र पुलिस बल के जवान चौबीसों घंटे खोज, बचाव, राहत और पुनर्वास कार्यों में जुटे हुए हैं।
बयान में कहा गया है, ‘‘ हालिया सोशल मीडिया पोस्ट में लगाए गए ये आरोप कि सेना और पुलिस ने राहत सामग्री अपने कब्जे में ले ली और उसका वितरण नहीं किया, या सामग्री खराब होने के लिए छोड़ दी गई, झूठे और निराधार हैं।’’