How did the Executive Magistrate dare to issue notice to the student involved in the protest: Court
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
उच्चतम न्यायालय ने जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) की अगुवाई में हुए प्रदर्शन में शामिल होने को लेकर एक छात्र को नोटिस जारी करने पर ग्रेटर नोएडा की कार्यकारी मजिस्ट्रेट को बुधवार को कड़ी फटकार लगाई। न्यायालय ने पूछा कि उसके पहले के आदेश के बावजूद मजिस्ट्रेट ने ऐसा नोटिस जारी करने की ‘‘हिम्मत’’ कैसे की।
शीर्ष न्यायालय ने कहा कि वह इस मामले में ग्रेटर नोएडा की कार्यकारी मजिस्ट्रेट से स्पष्टीकरण मांगेगा।
भारत के प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत ने पूछा कि कार्यकारी मजिस्ट्रेट ऐसा नोटिस कैसे जारी कर सकती हैं, जबकि शीर्ष अदालत पहले ही निर्देश दे चुकी है कि छात्रों के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी।
वरिष्ठ अधिवक्ता विश्वजीत भट्टाचार्य ने सीजेआई की अगुवाई वाली तीन सदस्यीय पीठ के समक्ष इस मामले का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत के छात्रों पर ‘‘प्रयोग’’ किया जा रहा है और यह नोटिस भी उच्चतम न्यायालय के एक सितंबर के आदेश के विपरीत था। हालांकि, नोटिस बाद में वापस ले लिया गया।