आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ (नाफेड) और राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता महासंघ (एनसीसीएफ) को दालों एवं तिलहनों की खरीद सीधे किसानों से करने का निर्देश दिया, ताकि बिचौलियों की भूमिका खत्म हो और इन वस्तुओं के आयात पर देश की निर्भरता घटाई जा सके।
नाफेड की चार पहल की शुरुआत के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में शाह ने कहा कि हाल के वर्षों में दालों एवं तिलहनों का उत्पादन बढ़ा है लेकिन न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) का लाभ किसानों तक पूरी तरह नहीं पहुंच पाने के कारण आत्मनिर्भरता हासिल नहीं हो सकी है।
उन्होंने कहा, “खरीद में बिचौलियों की भूमिका खत्म करने की जरूरत है। अब समय आ गया है कि नाफेड और एनसीसीएफ सीधे किसानों से दाल और तिलहन खरीदें, ताकि लाभ सीधे किसानों को मिल सके।”
शाह ने इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए दो साल की समयसीमा तय करते हुए कहा कि इस अवधि में किसान सीधे इन सहकारी संस्थाओं को अपनी उपज बेच सकेंगे और उन्हें किसी बिचौलिये के बगैर भुगतान मिलेगा।
भारत हर साल अपनी घरेलू कमी को पूरा करने के लिए लगभग 60-70 लाख टन दाल और 1.5-1.6 करोड़ टन खाद्य तेलों का आयात करता है।
शाह ने नाफेड की वित्तीय स्थिति में सुधार की सराहना करते हुए कहा कि वर्ष 2013 में यह सहकारी संस्था गंभीर संकट में थी और इसे बचाने के लिए सरकार को हस्तक्षेप करना पड़ा था।
हालांकि, नाफेड का वार्षिक कारोबार 500 करोड़ रुपये से बढ़कर वित्त वर्ष 2024-25 में 30,000 करोड़ रुपये हो गया और इसकी पहुंच 76 लाख किसानों तक हो चुकी है।