मप्र : आय से अधिक संपत्ति के 24 साल पुराने मामले में तत्कालीन कार्यपालन यंत्री को पांच साल कैद

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 09-09-2026
MP: Five-year imprisonment for the then Executive Engineer in a 24-year-old disproportionate assets case.
MP: Five-year imprisonment for the then Executive Engineer in a 24-year-old disproportionate assets case.

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
मध्यप्रदेश के खरगोन जिले की एक विशेष अदालत ने 24 साल पुराने, आय से अधिक संपत्ति के एक मामले में तत्कालीन कार्यपालन यंत्री कैलाशचंद्र परवाल को दोषी ठहराते हुए पांच साल के सश्रम कारावास और 25 लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है।
 
विशेष लोक अभियोजक एवं सहायक निदेशक, अभियोजन प्रकाश सोलंकी ने बताया कि परवाल के खिलाफ मामला वर्ष 2002 में दर्ज किया गया था।
 
उन्होंने बताया कि छह सितंबर 2002 को धार निवासी शैलेन्द्र जोशी ने लोकायुक्त में शिकायत की थी कि तत्कालीन कार्यपालन यंत्री परवाल ने उससे 50 हजार रुपये की रिश्वत मांगी है। शिकायत पर कार्रवाई करते हुए लोकायुक्त ने परवाल को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा था।
 
सोलंकी ने बताया कि मामले की विवेचना के दौरान परवाल की ज्ञात आय से अधिक संपत्ति अर्जित किए जाने की जानकारी सामने आई। इसके बाद खरगोन, देवास और इंदौर स्थित उसके आवासों की तलाशी ली गई तथा बैंक खातों, बीमा पॉलिसियों और अन्य निवेशों से संबंधित दस्तावेजों की जांच की गई।