आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
कांग्रेस के संगठन महासचिव के सी वेणुगोपाल ने बृहस्पतिवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर आरोप लगाया कि विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 पर विचार कर रही संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) में हितधारकों से कोई सार्थक परामर्श नहीं हो रहा है और आगामी शीतकालीन सत्र में सरकार द्वारा विधेयक को जल्दबाजी में पारित कराने की मंशा दिखाई पड़ती है।
उन्होंने इस मामले में लोकसभा अध्यक्ष बिरला से हस्तक्षेप का आग्रह किया।
वेणुगोपाल ने पत्र में कहा कि अगर विधेयक को जल्दबाजी में पारित कराया जाता है तो यह उस उद्देश्य को विफल कर देगा जिसके लिए सदन ने विधेयक को जेपीसी के पास भेजा था और इससे महत्वपूर्ण संसदीय प्रक्रिया महज औपचारिकता बनकर रह जाएगी।
उन्होंने कहा कि विधेयक 25 मार्च, 2026 को लोकसभा में पेश किया गया था और इसके प्रावधानों को लेकर विपक्षी दलों ने आपत्ति जताई थी।