आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
कांग्रेस ने सोमवार को दावा किया कि संसद के मानसून सत्र का सत्रावसान करने के बजाय अब तक इसे ‘वेंटिलेटर’ पर रखा गया है क्योंकि गृह मंत्री अमित शाह लोकसभा में परिसीमन संबंधी विधेयक को पारित कराने के लिए ‘‘महाकलंकित’’ दो-तिहाई बहुमत जुटाने की कोशिश में लगे हैं।
पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने यह सवाल भी किया कि गृह मंत्री इस वास्तविकता को कब स्वीकार करेंगे कि धमकी और डराने-धमकाने की उनकी राजनीति अपनी सीमा तक पहुंच चुकी है?
रमेश ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि संसद को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित किए 25 दिन हो चुके हैं, लेकिन अब तक उसका सत्रावसान नहीं किया गया है।
उन्होंने कहा, ‘‘आम तौर पर अनिश्चितकाल के लिए स्थगित किए जाने के बाद तीन-चार दिन में सत्रावसान हो जाता है। हालांकि, 2015 के मानसून सत्र में यह अंतर 28 दिन का था।’’