आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
देश का बैटरी उद्योग 2029-30 तक 15-20 लाख रोजगार पैदा कर सकता है। प्रतिभा समाधान कंपनी एडेको इंडिया ने यह अनुमान जताया है।
एडेको के अनुसार, उद्योग अब पूंजी और रोजगार के लिहाज से सबसे महत्वपूर्ण चरण में प्रवेश कर रहा है और आयात-निर्भर असेंबली क्षेत्र से आगे बढ़कर सेल निर्माण से लेकर बैटरी पुनर्चक्रण तक एकीकृत औद्योगिक तंत्र का रूप ले रहा है।
एडेको इंडिया के निदेशक एवं जनरल स्टाफिंग प्रमुख दीपेश गुप्ता ने पीटीआई-भाषा को बताया कि भारत का बैटरी उद्योग लिथियम-आयन सेल के आयात और उनकी असेंबली से आगे बढ़कर देश में बैटरी निर्माण की दिशा में तेजी से बढ़ रहा है। इसमें सेल से लेकर पूरी बैटरी और पुनर्चक्रण तक की गतिविधियां शामिल हैं।
एडेको इंडिया के अनुसार, 2030 तक इस क्षेत्र में 15-20 लाख रोजगार पैदा हो सकते हैं। इनमें करीब 25 प्रतिशत प्रत्यक्ष और 75 प्रतिशत अप्रत्यक्ष रोजगार होंगे। इस क्षेत्र में नियुक्तियां हर साल 25-30 प्रतिशत की दर से बढ़ने की उम्मीद है।