गोवा के CEO ने वोटर लिस्ट में शामिल न हो पाए 97 लोगों के मामलों पर स्टेटस रिपोर्ट जारी की

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  onikamaheshwari | Date 01-10-2026
Goa CEO releases status report on 97 left-out voter cases; 88 Form 6 applications accepted
Goa CEO releases status report on 97 left-out voter cases; 88 Form 6 applications accepted

 

पणजी (गोवा) 
 
गोवा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) ने गुरुवार को उन 97 मतदाताओं के बारे में जानकारी दी, जिनके नाम 'विशेष गहन संशोधन' (SIR) के दौरान मतदाता सूची में नहीं जोड़े गए थे। CEO ने X पर एक पोस्ट में छूटे हुए 97 मतदाता नामांकन मामलों की ताजा स्थिति रिपोर्ट जारी की। इसमें पुष्टि की गई कि 'फॉर्म 6' के तहत जमा किए गए 88 आवेदन भर दिए गए हैं और स्वीकार कर लिए गए हैं। साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, समीक्षा किए गए कुल 97 मामलों में से 88 ने 'फॉर्म 6' (मतदाता सूची में नाम शामिल करने के लिए आवेदन) भरा है या उनके आवेदन स्वीकार कर लिए गए हैं। तीन मामलों में लोग पुर्तगाली पासपोर्ट धारक पाए गए, जबकि छह मामले ऐसे मतदाताओं से जुड़े हैं जो अभी भारत के बाहर रह रहे हैं।
 
चुनाव प्राधिकरण ने आगे बताया कि विदेश में रह रहे छह लोगों तक पहुंचने के लिए प्रशासनिक प्रयास किए जा रहे हैं। फुटनोट में कहा गया, "जो मतदाता अभी भारत के बाहर रह रहे हैं, उनसे आगे की जरूरी कार्रवाई के लिए संपर्क स्थापित करने और बनाए रखने की कोशिश संबंधित अधिकारी कर रहे हैं।" भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने पिछले हफ्ते घोषणा की थी कि 'बूथ लेवल ऑफिसर' (BLO) उन मतदाताओं के घर जाएंगे जिन्हें 'विशेष गहन संशोधन' (SIR) के दौरान 'अनमैप्ड' (मैप पर न होने) या 'लॉजिकल विसंगतियों' (तार्किक कमियों) के कारण नोटिस मिले हैं, ताकि उनसे दस्तावेज लिए जा सकें।
 
ECI ने कहा, "खास हालात में, ERO (निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी) के फैसले के अनुसार, सुनवाई मुख्य रूप से ऑनलाइन होगी।" आयोग ने यह भी कहा कि अगर जरूरत हो, तो मतदाता अपनी ओर से सुनवाई में शामिल होने के लिए परिवार के किसी वयस्क सदस्य को अधिकृत कर सकता है। आयोग ने जिला निर्वाचन अधिकारियों (DEO) को यह भी निर्देश दिया कि वे नाइट शेल्टर (रात में रुकने की जगह) में रहने वाले लोगों, मजदूरों, गरीबों और बेघर लोगों के लिए पर्याप्त हेल्प डेस्क बनाएं और विशेष कैंप लगाएं।
ECI ने कहा कि SIR के लिए 'फॉर्म 6' के साथ लगे घोषणा-पत्र को सुप्रीम कोर्ट ने सही ठहराया है। SIR के अलावा बाकी समय के लिए, 'निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण नियम, 1960' के तहत लागू फॉर्म का इस्तेमाल जारी रहेगा। आयोग ने आगे कहा कि एक सीनियर डिप्टी इलेक्शन कमिश्नर की अध्यक्षता में और IIT/IIIT के एक स्वतंत्र एक्सपर्ट को शामिल करते हुए एक कमेटी ECINet सिस्टम की समीक्षा करेगी, ताकि चुनावी कानूनों और नियमों का पालन सुनिश्चित किया जा सके।
 
गोवा में, ECI ने कहा कि गोवा के CEO ने संबंधित BLOs को निर्देश दिया है कि वे उन वोटर्स के घर-घर जाकर उनके फॉर्म इकट्ठा करें जिनके नाम छूट गए थे। 97 में से 81 वोटर्स पहले ही नाम शामिल कराने के लिए फॉर्म 6 भर चुके हैं। आयोग ने कहा कि बिहार और पश्चिम बंगाल सहित 20 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में SIR का काम पहले ही पूरा हो चुका है। आयोग ने यह भी कहा कि जिन लोगों के नाम SIR के दौरान या उसके बाद छूट गए थे - जिनमें युवा और पहली बार वोट देने वाले भी शामिल हैं - वे लगातार अपडेट होने वाली प्रक्रिया के तहत वोटर लिस्ट में अपना नाम शामिल कराने के लिए आवेदन कर सकते हैं। ECI ने कहा कि मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (CEOs) को निर्देश दिया गया है कि वे नाम दर्ज कराने की प्रक्रिया को आसान बनाएं और योग्य वोटर्स के नाम शामिल करने के लिए विशेष अभियान चलाएं।