प.बंगाल: डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पुण्यतिथि पर शुभेंदु अधिकारी ने उन्हें श्रद्धांजलि दी

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 23-06-2026
 Dr. Syama Prasad Mukherjee on his death anniversary
Dr. Syama Prasad Mukherjee on his death anniversary

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली 

 
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने मंगलवार को भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
 
उन्होंने दक्षिण कोलकाता के केओरताला श्मशान पर में मुखर्जी की आवक्ष प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। इस अवसर पर राज्य के वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता और उद्योग मंत्री तपस रॉय भी मौजूद थे।
 
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने डॉ. मुखर्जी को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि सार्वजनिक जीवन में उनका अटूट विश्वास, साहस और राष्ट्रीय हित के प्रति समर्पण पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा।
 
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की पश्चिम बंगाल इकाई के अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने भी यहां उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की।
 
डॉ. मुखर्जी का निधन 23 जून, 1953 को रहस्यमय परिस्थितियों में श्रीनगर की जेल में हुआ था। उन्हें बिना परमिट जम्मू-कश्मीर में प्रवेश करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।
 
बाद में हाज़रा क्रॉसिंग पर उनके स्मरण में आयोजित रक्तदान शिविर में मुख्यमंत्री अधिकारी ने कहा कि पहली बार सूचना एवं संस्कृति विभाग और कोलकाता नगर निगम ने संयुक्त रूप से उनकी पुण्यतिथि को ‘बलिदान दिवस’ के रूप में मनाया।
 
उन्होंने कहा कि 20 जून को ‘पश्चिम बंगाल दिवस’ मनाया गया, जो 1947 की उस घटना की याद में है जब अविभाजित बंगाल के पश्चिमी जिलों के विधायकों ने भारत में शामिल होने के पक्ष में मतदान किया था।
 
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि वाम मोर्चे के 34 साल के शासन और उसके बाद की सरकार ने डॉ. मुखर्जी और स्वामी प्राणबानंद जैसे व्यक्तित्वों के योगदान को जनता से छिपाए रखा।
 
उन्होंने कहा कि डॉ. मुखर्जी की जेल में संदेहास्पद परिस्थितियों में मृत्यु हुई और वह इसे ‘‘साजिशन हत्या’’ मानते हैं।
 
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि डॉ. मुखर्जी का प्रसिद्ध नारा-‘‘एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान नहीं चलेंगे’’ ही उनकी मृत्यु का कारण बना।