आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बृहस्पतिवार को कहा कि अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का ‘हब एंड स्पोक’ मॉडल यात्रियों के यात्रा समय को कम करेगा और साथ ही भारत के विभिन्न क्षेत्रों को वैश्विक अवसरों के और करीब लाएगा।
‘हब एंड स्पोक’ मॉडल के तहत पहली अंतरराष्ट्रीय उड़ान सेवा की शुरुआत को एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए मोदी ने कहा कि बेहतर अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी से व्यापार, पर्यटन, निवेश, शिक्षा और व्यवसाय के नए अवसर पैदा होते हैं।
उन्होंने अपने एक संदेश में कहा, ‘‘यह मॉडल छोटे शहरों के लोगों को निर्बाध यात्रा के माध्यम से वैश्विक गंतव्यों तक पहुंचने में सक्षम बनाता है, और साथ ही वस्तुओं व सेवाओं की आवाजाही को भी बढ़ावा देता है। इससे क्षेत्रीय विकास में मदद मिलेगी और भारत की आर्थिक वृद्धि मजबूत होगी।’’
हब एंड स्पोक मॉडल का उद्देश्य टियर-दो और टियर-तीन (छोटे और मध्यम) शहरों के हवाई अड्डों को अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों के साथ निर्बाध कनेक्टिविटी प्रदान करना है।
इस मॉडल के तहत, एअर इंडिया ने बृहस्पतिवार को वाराणसी से अपनी उड़ान सेवाएं शुरू की हैं, जो यात्रियों को दिल्ली के रास्ते दुनिया के विभिन्न विदेशी शहरों से जोड़ेंगी।
यह मॉडल भारत को वैश्विक विमानन केंद्र बनाने के मकसद से तैयार किया गया है। इसके तहत छोट व मझोले शहरों के हवाई अड्डों को अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों से निर्बाध रूप से जोड़ा जाएगा।
हब एंड स्पोक (एचएंडएस) मॉडल के तहत छोटे हवाई अड्डों यानी ‘स्पोक’ से यात्री बड़े हवाई अड्डों यानी ‘हब’ के जरिये अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों तक पहुंच सकेंगे।
‘हब एंड स्पोक’ मॉडल के तहत पहली अंतरराष्ट्रीय उड़ान सेवा की शुरुआत को एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए मोदी ने कहा कि बेहतर अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी से व्यापार, पर्यटन, निवेश, शिक्षा और व्यवसाय के नए अवसर पैदा होते हैं।
उन्होंने अपने एक संदेश में कहा, ‘‘यह मॉडल छोटे शहरों के लोगों को निर्बाध यात्रा के माध्यम से वैश्विक गंतव्यों तक पहुंचने में सक्षम बनाता है, और साथ ही वस्तुओं व सेवाओं की आवाजाही को भी बढ़ावा देता है। इससे क्षेत्रीय विकास में मदद मिलेगी और भारत की आर्थिक वृद्धि मजबूत होगी।’’
हब एंड स्पोक मॉडल का उद्देश्य टियर-दो और टियर-तीन (छोटे और मध्यम) शहरों के हवाई अड्डों को अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों के साथ निर्बाध कनेक्टिविटी प्रदान करना है।
इस मॉडल के तहत, एअर इंडिया ने बृहस्पतिवार को वाराणसी से अपनी उड़ान सेवाएं शुरू की हैं, जो यात्रियों को दिल्ली के रास्ते दुनिया के विभिन्न विदेशी शहरों से जोड़ेंगी।
यह मॉडल भारत को वैश्विक विमानन केंद्र बनाने के मकसद से तैयार किया गया है। इसके तहत छोट व मझोले शहरों के हवाई अड्डों को अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों से निर्बाध रूप से जोड़ा जाएगा।
हब एंड स्पोक (एचएंडएस) मॉडल के तहत छोटे हवाई अड्डों यानी ‘स्पोक’ से यात्री बड़े हवाई अड्डों यानी ‘हब’ के जरिये अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों तक पहुंच सकेंगे।