Congress observes 'silent fast' to protest Dushyant Gautam's appointment as Sikkim Governor
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित 'वीआईपी' के खुलासे के लिए केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की जांच जारी रहने के बीच भाजपा नेता दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल बनाए जाने के विरोध में कांग्रेस ने मंगलवार को यहां मौन उपवास रखा।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में पार्टी पदाधिकारी तथा कार्यकर्ता यहां गांधी पार्क में इकटठा हुए और गौतम की नियुक्ति को 'संवैधानिक पद का संरक्षण देकर जांच से बचाने का प्रयास' बताते हुए इस कदम का विरोध किया। उन्होंने गौतम की नियुक्ति पर पुनर्विचार की मांग भी की ।
'भाजपा से बेटियां बचाओ' जैसे नारे लिखी तख्तियां हाथों में थामे पार्टी कार्यकर्ताओं ने महात्मा गांधी की मूर्ति के नीचे धरना दिया और अंकिता को न्याय दिलाने के लिए हत्याकांड में कथित 'वीआईपी' की भूमिका की जांच में तेजी लाए जाने की मांग की ।
गोदियाल ने संवाददाताओं से बातचीत में आरोप लगाया कि अंकिता के माता-पिता ने सरकार से इस तथ्य का परीक्षण कराने की मांग की थी कि हत्याकांड में शामिल कथित 'वीआईपी' क्या यही थे। उन्होंने कहा, ‘‘इसके बजाय उन्हें राज्यपाल बनाकर 'सेफ पैसेज' (सुरक्षित रास्ता) दे दिया गया जिससे अब उन पर मुकदमा भी न चल सके।’’
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री ने जनभावनाओं को कुचलकर ऐसे व्यक्ति को राज्यपाल बनवा कर उत्तराखंड के प्रति अपनी भावनाएं प्रदर्शित कर दी हैं। उन्होंने कहा, ‘‘इससे हम सब आहत हैं... प्रदेश का प्रत्येक नागरिक इसका पुरजोर विरोध करेगा।’’