आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने डिजिटल और कृत्रिम मेधा (एआई) साक्षरता पर जोर देते हुए सोमवार को कहा कि एआई और ‘डीप-टेक’ जैसी नये जमाने की प्रौद्योगिकियां शिक्षा, स्वास्थ्य, खेती, उद्योग तथा रोजगार के क्षेत्र में नए मौके पैदा कर रही हैं।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर ‘योगी की पाती’ शीर्षक से की गई एक पोस्ट में कहा, ‘‘शिक्षा सिर्फ बच्चों को पढ़ना-लिखना सिखाने तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि उन्हें ज्ञान, संस्कार, अनुशासन, आत्मविश्वास और ऐसी समझ भी देनी चाहिए जो उनके जीवन को सही दिशा दे सके।’’
उन्होंने कहा, ‘‘आज तकनीक तेजी से हमारे जीवन को बदल रही है। ऐसे में डिजिटल साक्षरता के साथ एआई साक्षरता भी समय की आवश्यकता है। एआई, ‘डीप-टेक’ और उभरती प्रौद्योगिकी शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, उद्योग और रोजगार के नए अवसर खोल रहे हैं। हमारी सरकार परंपरागत ज्ञान को आधुनिक विज्ञान, तकनीक, नवाचार और कौशल से जोड़ रही है।’’
मुख्यमंत्री ने प्रौद्योगिकियों को अपनाने की दिशा में सरकार द्वारा किए गए प्रयासों का जिक्र करते हुए कहा कि लखनऊ में एआई सिटी और कानपुर में ड्रोन एवं यूएवी तकनीक का विकसित होता पारिस्थितिकी तंत्र उत्तर प्रदेश के भविष्य की नयी संभावनाओं का आधार बन रहा है।