नई दिल्ली
दिल्ली पुलिस ने सत्य निकेतन में गिरी उस इमारत के मालिक हरिराम का पता लगाने के लिए 10 अलग-अलग टीमें बनाई हैं। इस हादसे में छह लोगों की मौत हो गई थी और मालिक अभी तक नहीं मिल पाया है। इन टीमों में स्थानीय ज़िला पुलिस, स्पेशल स्टाफ़ और दूसरी ऑपरेशनल यूनिट्स शामिल हैं। हर टीम का नेतृत्व एडिशनल DCP रैंक का अधिकारी कर रहा है। पुलिस हरिराम को पकड़ने के लिए दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में छापेमारी कर रही है। दिल्ली पुलिस ने उसके खिलाफ लुक आउट सर्कुलर (LOC) भी जारी किया है। इमारत के मालिक का घर गुरुग्राम, हरियाणा में है, लेकिन अभी वह कहीं मिल नहीं रहा है। इमारत के मालिक के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। इस बीच, दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने इमारत गिरने की घटना पर आज दोपहर एक हाई-लेवल मीटिंग बुलाई है। इसमें मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के साथ-साथ दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA), दिल्ली नगर निगम (MCD) और दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के शामिल होने की उम्मीद है। मीटिंग के दौरान उपराज्यपाल कई बड़े फैसले ले सकते हैं।
दिल्ली हाई कोर्ट सत्य निकेतन इलाके में इमारत गिरने की दुखद घटना से जुड़े मामले की सुनवाई करने वाला है। सोमवार को मुख्य न्यायाधीश के सामने इस मामले का ज़िक्र किया गया था। इमारत गिरने के बाद आस-पास के इलाके से लोगों को सुरक्षित जगहों पर भेजा गया है। पास के हॉस्टल में रहने वाले छात्र विशाल ने बताया कि इमारत गिरने के बाद यह चिंता बढ़ गई थी कि आस-पास की इमारतें भी गिर सकती हैं। इसलिए अधिकारियों ने आस-पास की सभी इमारतों को खाली करवा दिया, जिसमें लड़कियों का एक हॉस्टल भी शामिल था। उन्होंने कहा, "ऐसा इसलिए किया गया क्योंकि उनमें भी दरारें आ गई थीं। कॉलेजों ने रहने के लिए अपनी सुविधाएं खोल दी थीं और खाने-पीने का इंतज़ाम भी था। हॉस्टल में रहने वाले ज़्यादातर छात्र अपने रिश्तेदारों या दोस्तों के घर चले गए हैं।"
दिल्ली सरकार ने शहर भर में अवैध पांच-मंज़िला इमारतों को तुरंत सील करने का आदेश दिया है।
मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) के अनुसार, यह कदम इमारत गिरने की घटना के बाद सुरक्षा को लेकर की जा रही सख़्त कार्रवाई का हिस्सा है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आज सुबह सुरक्षा उपायों और चल रहे ऑपरेशन का जायज़ा लेने के लिए घटनास्थल का दोबारा दौरा किया। CMO ने कहा कि इमारत के मालिक के खिलाफ FIR दर्ज की गई है और लापरवाही के लिए ज़िम्मेदार पाए जाने वाले MCD अधिकारियों के खिलाफ सख़्त कार्रवाई की जाएगी। सरकार ने आस-पास के पेइंग-गेस्ट (PG) अकोमोडेशन और इलाके की दूसरी इमारतों की सघन जांच के आदेश भी दिए हैं, और नियम तोड़ने पर उन्हें सील किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली के निवासियों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और लापरवाही के मामलों में किसी को बख्शा नहीं जाएगा।
प्रशासन ने इमारत गिरने की जगह के पास मौजूद इमारतों को सहारा देने के लिए लोहे के जैक लगाए हैं।