आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी द्वारा लालू प्रसाद को ‘‘सबसे बड़ा खलनायक’’ बताए जाने पर विपक्षी दल राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने मंगलवार को तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। चौधरी ने एक दिन पहले भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह टिप्पणी की थी।
उन्होंने राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद और उनकी पत्नी राबड़ी देवी की सुरक्षा व्यवस्था में कटौती किए जाने के मुद्दे पर कटाक्ष करते हुए कहा था, ‘‘सबसे बड़ा खलनायक, जिससे सभी डरते हैं, अब खुद डर में जी रहा है। यह इस बात का प्रमाण है कि बिहार में अब सुशासन की सरकार है।’’
राजद के राष्ट्रीय प्रवक्ता मनोज झा ने पटना में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में चौधरी को ‘‘लालू जी की पाठशाला का उत्पाद’’ बताते हुए कहा कि भाजपा में शामिल होने के बाद वह ‘‘बिना जनादेश वाले मुख्यमंत्री’’ बन गए हैं।
झा ने कहा, ‘‘हम सार्वजनिक भाषणों में भाषा की मर्यादा बनाए रखते हैं। हम खलनायकों को भी खलनायक नहीं कहते और यहां इस धरती के सबसे बड़े ‘नायक’ को ‘खलनायक’ कहा जा रहा है।’’
उन्होंने कहा कि सम्राट चौधरी लालू प्रसाद की उसी ‘‘पाठशाला’’ के छात्र हैं लेकिन उन्होंने वहां की शिक्षा को आत्मसात नहीं किया और अब पूरी तरह अलग विचारधारा वाले राजनीतिक दल का हिस्सा बन गए हैं।
राजद की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल ने मुख्यमंत्री के बयान को ‘‘अनावश्यक और अपरिपक्व’’ बताया।
उन्होंने कहा, ‘‘लोग लालू प्रसाद को एक ऐसे संघर्षशील नेता के रूप में देखते हैं, जिन्होंने सशक्तिकरण आधारित कल्याणकारी राजनीति के बल पर लोगों के दिलों में जगह बनाई है।’’
मंडल ने दावा किया कि इस प्रकार की टिप्पणी से पिछड़े वर्गों के लोग आहत हुए हैं।