Dispute over appointment of Dalit woman in Anganwadi centre in Odisha resolved: Official
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
केंद्रपाड़ा जिला प्रशासन ने दलित महिला की आंगनवाड़ी सहायिका के रूप में नियुक्ति को लेकर विवाद का मुद्दा संसद में उठाये जाने के दो दिन बाद शनिवार को कहा कि मामले को बातचीत के जरिए सुलझा लिया गया है।
केंद्रपाड़ा जिले के उप-जिलाधिकारी अरुण नायक ने कहा कि यह मामला सौहार्दपूर्ण ढंग से सुलझा लिया गया है, क्योंकि ग्रामीणों ने अपने बच्चों को सोमवार से आंगनवाड़ी केंद्र भेजने पर सहमति जतायी है।
उन्होंने कहा, “21 नवंबर से अपने बच्चों को केंद्र भेजना बंद कर चुके सवर्ण समुदाय के लोगों के साथ अंतिम दौर की बातचीत संबंधित पक्षों की मौजूदगी में की गई। इनमें राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग और ओडिशा राज्य महिला आयोग के सदस्य भी शामिल थे। अधिकारियों ने ग्रामीणों को पुरानी जातिगत प्रथाओं के उन्मूलन के बारे में जागरूक किया।”
राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग सदस्य सुजाता नायक ने बताया कि अभिभावकों की सहमति मिलने के बाद आंगनवाड़ी केंद्र सोमवार से सामान्य रूप से कार्य करेगा।
यह विवाद घलीमाला ग्राम पंचायत अंतर्गत नुआगांव ग्राम में उत्पन्न हुआ, जहां निवासियों ने लगभग तीन महीने तक केंद्र का बहिष्कार किया और गर्भवती महिलाओं के लिए पौष्टिक खाद्य सामग्री लेने से भी इनकार कर दिया। वे दलित महिला शर्मिष्ठा सेठी को सहायिका के रूप में नियुक्त किए जाने के विरोध में थे।