Telangana Municipal Corporation Elections: BJP has strong chances of winning the mayoral post in Karimnagar
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
करीमनगर निगम चुनाव में भारतीय जनता पार्टी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है और निर्दलीय उम्मीदवारों के समर्थन से उसको महापौर का पद मिलना लगभग तय है है। पार्टी ने निजामाबाद में विपक्ष में बैठने का फैसला किया है। पार्टी सूत्रों ने शनिवार को यह जानकारी दी।
इस बीच, इसपर अनिश्चितता बनी हुई है कि कोथागुडेम नगर निगम में सत्ता कौन संभालेगा, क्योंकि सत्तारूढ़ कांग्रेस और माकपा को बराबर संख्या में वार्ड में जीत हासिल हुई है।
शेष चार नगर निगमों नलगोंडा, मंचेरियल, रामागुंडम और महबूबनगर में कांग्रेस सत्ता पर काबिज होगी।
करीमनगर के कुल 66 वार्ड में से भाजपा को 30 वार्ड जीत हासिल हुई है जबकि कांग्रेस, भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस), ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहाद-उल-मुस्लिमीन (एआईएमआईएम), एआईएफबी (ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक) और निर्दलीय उम्मीदवारों को क्रमशः 14, 9, 3, 3 और 7 वार्ड में जीत मिली।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, तीन निर्दलीय और एआईएफबी के एक पार्षद ने शनिवार को केंद्रीय गृह राज्य मंत्री बंडी संजय कुमार से मुलाकात कर भाजपा को समर्थन दिया। छह अन्य पार्षद भी भाजपा नेताओं से बातचीत कर रहे हैं।
कुमार निगम के पदेन सदस्य के रूप में भी अपना वोट डाल सकते हैं।
भाजपा पार्षदों की संख्या पहले ही बढ़कर 35 हो चुकी है, ऐसे में पार्टी को करीमनगर नगर निगम में महापौर का पद मिलना लगभग तय माना जा रहा है।
निजामाबाद में भाजपा ने शनिवार को सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरने के बावजूद विपक्ष में बैठने का फैसला किया।
निजामाबाद के कुल 60 वार्ड में से भाजपा को 28 पर जीत मिली, जबकि कांग्रेस को 17 सीट मिली, उसके बाद एआईएमआईएम (14) और बीआरएस (1) का स्थान रहा।
भाजपा सूत्रों ने कांग्रेस और एआईएमआईएम पर अपवित्र गठबंधन का आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी ने शहर में विपक्ष में बैठने का फैसला किया है।
साठ सदस्यीय कोथागुडेम नगर निगम में कांग्रेस और माकपा ने 22-22 वार्ड जीते। निर्दलीय, बीआरएस, भाजपा और माकपा ने क्रमशः छह, आठ, एक और एक सीट जीती।