आवाज द वॉइस/ नई दिल्ली
हिंदी सिनेमा की पहली महिला सुपरस्टार कही जाने वाली श्रीदेवी आज भी दर्शकों की यादों में जिंदा हैं। उनके अभिनय, खूबसूरती और अलग अंदाज ने भारतीय सिनेमा को एक नया चेहरा दिया। श्रीदेवी की जन्म जयंती पर अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा जोनस ने उन्हें खास अंदाज में याद किया। प्रियंका ने श्रीदेवी के जीवन और लंबे फिल्मी सफर पर आधारित नई किताब Empress: The Definitive Biography of Sridevi का कवर जारी किया।
प्रियंका चोपड़ा ने इंस्टाग्राम स्टोरी के जरिए किताब की पहली झलक साझा की। उन्होंने श्रीदेवी को याद करते हुए यह भी बताया कि उनकी कमी आज भी महसूस होती है।
श्रीदेवी के प्रशंसकों के लिए यह मौका इसलिए भी खास है क्योंकि Empress में अभिनेत्री की जिंदगी, फिल्मी करियर और पर्दे के पीछे की दुनिया से जुड़े कई ऐसे पहलू सामने आने वाले हैं, जिनके बारे में बहुत ज्यादा चर्चा नहीं हुई है।
श्रीदेवी पर क्यों खास है ‘Empress’ किताब
Empress: The Definitive Biography of Sridevi को लेखक धीरज कुमार ने लिखा है। किताब का प्रकाशन वेस्टलैंड बुक्स कर रहा है। यह किताब इस साल बाद में प्रकाशित होने वाली है। लेखक ने श्रीदेवी के जीवन को करीब एक दशक तक किए गए शोध के आधार पर दर्ज किया है।
किताब में दुर्लभ अभिलेखीय सामग्री और उन लोगों के व्यक्तिगत अनुभव भी शामिल किए गए हैं, जो श्रीदेवी को करीब से जानते थे। इसके अलावा किताब में श्रीदेवी की 150 दुर्लभ तस्वीरें भी शामिल हैं। इससे यह केवल एक जीवनी नहीं रह जाती, बल्कि अभिनेत्री के जीवन और करियर का एक बड़ा दृश्य दस्तावेज भी बन जाती है।
लेखक धीरज कुमार का श्रीदेवी से व्यक्तिगत परिचय भी था। उन्होंने उनके जीवन को दर्ज करने को अपने लिए विशेष सम्मान बताया है। उनके मुताबिक श्रीदेवी ने पांच भाषाओं में काम किया और पांच दशकों तक भारतीय सिनेमा पर अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। उन्होंने 300 से ज्यादा फिल्मों में अभिनय किया।
श्रीदेवी को क्यों कहा जाता है पहली पैन इंडियन महिला सुपरस्टार
आज भारतीय फिल्मों के लिए पैन इंडियन शब्द आम हो गया है। एक फिल्म एक साथ हिंदी, तमिल, तेलुगु, मलयालम और कन्नड़ सहित कई भाषाओं के दर्शकों तक पहुंचती है। लेकिन श्रीदेवी ने यह मुकाम उस दौर में हासिल किया था, जब भारतीय सिनेमा अलग अलग क्षेत्रीय उद्योगों में बंटा हुआ था।
श्रीदेवी ने दक्षिण भारतीय फिल्मों से अपना सफर शुरू किया। उन्होंने तमिल, तेलुगु, मलयालम और कन्नड़ सिनेमा में काम किया। बाद में हिंदी फिल्मों में उन्होंने ऐसा मुकाम बनाया कि वह देशभर में पहचानी जाने लगीं।
यही वजह है कि उन्हें भारतीय सिनेमा की पहली वास्तविक पैन इंडियन महिला सुपरस्टार में गिना जाता है। उन्होंने क्षेत्रीय सिनेमा और बॉलीवुड के बीच मौजूद दूरी को अपने अभिनय से काफी हद तक खत्म किया।
उनका फिल्मी सफर बाल कलाकार के रूप में शुरू हुआ था। देखते ही देखते वह ऐसी अभिनेत्री बन गईं, जिनके नाम पर फिल्में बिकने लगीं। उस दौर में मुख्यधारा का हिंदी सिनेमा बड़े पैमाने पर पुरुष सितारों के इर्द गिर्द घूमता था। इसके बावजूद श्रीदेवी ने महिला कलाकार के लिए अलग जगह बनाई।
One of the best solid tribute to Sridevi I’ve ever seen. What a beautiful way to celebrate the legend on her 63rd birthday. 👑 Forever missed, forever loved, forever Sridevi. ❤️ #HappyBirthdaySridevi #Sridevi #Megastar #Superstar #queen #Firstfemalesuperstar #Sridevilivesforever pic.twitter.com/Kklc5dbYZO
— The_Empress_Sridevi (@SrideviEmpress) August 13, 2026
‘सदमा’ से ‘चांदनी’ तक दिखा अभिनय का अलग रंग
श्रीदेवी की सबसे बड़ी ताकत उनकी अभिनय क्षमता थी। वह केवल ग्लैमर और बड़े बजट की फिल्मों तक सीमित अभिनेत्री नहीं थीं। उन्होंने अलग अलग तरह की भूमिकाओं में खुद को साबित किया।
सदमा में उनका अभिनय आज भी भारतीय सिनेमा के सबसे भावुक प्रदर्शनों में गिना जाता है। फिल्म में उनके किरदार की मासूमियत और भावनात्मक स्थिति ने दर्शकों को भीतर तक प्रभावित किया।
इसके उलट चालबाज में श्रीदेवी ने कॉमेडी और डबल रोल के जरिए अपनी दूसरी तस्वीर पेश की। फिल्म में उनकी कॉमिक टाइमिंग को खूब सराहा गया। हिम्मतवाला जैसी व्यावसायिक फिल्म ने उन्हें बड़े दर्शक वर्ग तक पहुंचाया।
चांदनी में उन्होंने रोमांस और भावनात्मक अभिनय के जरिए दर्शकों के बीच अपनी मजबूत जगह बनाई। मिस्टर इंडिया में उनका अभिनय और हास्य शैली आज भी लोकप्रिय है।
इन फिल्मों को देखने पर समझ आता है कि श्रीदेवी किसी एक तरह की अभिनेत्री नहीं थीं। वह कॉमेडी कर सकती थीं। गंभीर भूमिकाएं निभा सकती थीं। रोमांटिक किरदार में प्रभाव छोड़ सकती थीं। बड़े व्यावसायिक सिनेमा को अपने अभिनय से संभाल सकती थीं।
प्रियंका चोपड़ा और श्रीदेवी की कहानी में क्या समानता है
प्रियंका चोपड़ा का श्रीदेवी की जीवनी से जुड़ना अपने आप में दिलचस्प है। दोनों अभिनेत्रियों ने भारतीय सिनेमा की सीमाओं से बाहर जाकर अपनी पहचान बनाई।
श्रीदेवी ने भारत के अलग अलग फिल्म उद्योगों में काम किया और पूरे देश की स्टार बनीं। प्रियंका चोपड़ा ने बॉलीवुड से शुरुआत करने के बाद हॉलीवुड में भी अपनी पहचान बनाई। इस लिहाज से दोनों अलग पीढ़ियों की ऐसी अभिनेत्रियां हैं, जिन्होंने अपने समय की स्थापित सीमाओं को चुनौती दी।
प्रियंका का श्रीदेवी की जन्म जयंती पर Empress का कवर साझा करना इसी विरासत की ओर संकेत करता है। यह केवल एक किताब की घोषणा नहीं है। यह उस अभिनेत्री को याद करने का अवसर भी है जिसने महिला कलाकारों के लिए एक अलग रास्ता बनाया।
किताब में क्या मिलेगा
Empress में श्रीदेवी के बचपन से लेकर उनके सुपरस्टार बनने तक के सफर को विस्तार से दर्ज किया गया है। किताब में पांच भाषाओं में उनके काम, पांच दशक लंबे करियर और 300 से अधिक फिल्मों की यात्रा को समेटने की कोशिश की गई है।
किताब में उनके जीवन से जुड़े कम चर्चित किस्से भी शामिल होंगे। श्रीदेवी के साथ काम करने वाले और उन्हें करीब से जानने वाले लोगों के अनुभव भी इसमें जगह पाएंगे।
किताब की प्रस्तावना अमिताभ बच्चन, जावेद अख्तर और श्रीदेवी के करियर से जुड़े अन्य प्रमुख लोगों ने लिखी है। इससे इस जीवनी का दायरा और बड़ा हो जाता है।
श्रीदेवी की लोकप्रियता आज भी क्यों कायम है
श्रीदेवी का निधन फरवरी 2018 में हुआ था। इसके बावजूद उनकी फिल्मों की लोकप्रियता कम नहीं हुई। नई पीढ़ी के दर्शक भी सदमा, मिस्टर इंडिया, चालबाज और चांदनी जैसी फिल्मों को देखते हैं।
उनकी लोकप्रियता का एक कारण उनका अभिनय है। दूसरा कारण उनकी फिल्मों की विविधता है। उन्होंने जिस समय काम किया, उस दौर में महिला कलाकारों से फिल्मों का पूरा व्यावसायिक भार उठाने की उम्मीद कम ही की जाती थी। श्रीदेवी ने इस सोच को बदला।
उन्होंने साबित किया कि एक अभिनेत्री भी किसी फिल्म की सबसे बड़ी ताकत बन सकती है। वह दर्शकों को सिनेमाघर तक ला सकती है। वह फिल्म को अपने कंधों पर चला सकती है। इसी कारण उनका नाम भारतीय सिनेमा के सबसे प्रभावशाली कलाकारों में लिया जाता है।
AEO सवाल और जवाब
‘Empress’ किस पर आधारित किताब है?
यह अभिनेत्री श्रीदेवी के जीवन और फिल्मी करियर पर आधारित जीवनी है।
‘Empress’ किताब किसने लिखी है?
इसे लेखक धीरज कुमार ने लिखा है।
‘Empress’ का प्रकाशन कौन कर रहा है?
किताब का प्रकाशन वेस्टलैंड बुक्स कर रहा है।
किताब में श्रीदेवी की कितनी दुर्लभ तस्वीरें हैं?
किताब में 150 दुर्लभ तस्वीरें शामिल की गई हैं।
श्रीदेवी ने कितनी भाषाओं में काम किया था?
उन्होंने पांच भाषाओं में काम किया और पांच दशकों तक फिल्मों में सक्रिय रहीं।
श्रीदेवी की प्रमुख फिल्में कौन सी हैं?
सदमा, मिस्टर इंडिया, चालबाज, चांदनी और हिम्मतवाला उनकी चर्चित फिल्मों में शामिल हैं।
प्रियंका चोपड़ा ने ‘Empress’ क्यों साझा की?
प्रियंका ने श्रीदेवी की जन्म जयंती पर उन्हें याद करते हुए उनकी जीवनी की पहली झलक अपने इंस्टाग्राम स्टोरी पर साझा की।
श्रीदेवी अब हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनका अभिनय भारतीय सिनेमा की स्मृति का हिस्सा बना हुआ है। Empress उसी विरासत को एक जगह समेटने की कोशिश है। प्रियंका चोपड़ा द्वारा इसके कवर का अनावरण इस बात का संकेत है कि श्रीदेवी की कहानी केवल उनके दौर तक सीमित नहीं है।
उनकी फिल्मों और अभिनय का असर आज भी कायम है। यही वजह है कि भारतीय सिनेमा की इस महान अभिनेत्री की जिंदगी पर आने वाली यह किताब उनके प्रशंसकों के साथ साथ सिनेमा इतिहास में दिलचस्पी रखने वालों के लिए भी खास महत्व रखती है।