जब दूध-भात खाते इरफान को लक्ष्मण ने समझाया बड़ा सबक

Story by  मलिक असगर हाशमी | Published by  [email protected] | Date 12-08-2026
When Lakshman taught a profound lesson to Irrfan while he was eating milk and rice.
When Lakshman taught a profound lesson to Irrfan while he was eating milk and rice.

 

मलिक असर हाशमी

29 टेस्ट, 120 वनडे, 24 टी-20... दर्जनों रिकाॅर्ड, हवा में लहराती गेंदें और मैदान में गाड़े गए कामयाबी के झंडे !

जब हम इरफान पठान की इस शानदार सफलता को देखते हैं, तो जहन में सबसे पहला ख्याल यही आता है कि इसके पीछे यकीनन उनकी कड़ी मेहनत, प्रैक्टिस में बहाया गया अनगिनत लीटर पसीना और जुनून रहा होगा। यकीनन, मेहनत तो थी ही ! लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक छोटे से शहर से निकलकर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की बुलंदियों को छूने के पीछे एक सीनियर खिलाड़ी की एक ऐसी गुप्त नसीहत भी छिपी थी, जिसने इरफान का खेल और जीवन के प्रति नजरिया हमेशा-हमेशा के लिए बदल दिया?

हाल ही में ‘सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क’ पर एक बातचीत के दौरान, जब साथ में अजय जडेजा मौजूद थे, इरफान पठान ने सालों पुराने इस दिलचस्प और प्रेरणादायक रहस्य से पर्दा उठाया। इस खूबसूरत किस्से की तह तक जाने के लिए हमें वक्त का पहिया करीब 23 साल पीछे घुमाना होगा।

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इरफान पठान विदेश में पर्यटन का लुत्फ उठाते हुए

बात उन दिनों की है जब युवा, शर्मीले और टैलेंट से लबरेज इरफान पठान जिंदगी का पहला अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने ऑस्ट्रेलिया के ऐतिहासिक एडिलेड मैदान पहुंचे। प्रैक्टिस मैच में ही अपनी स्विंग का जादू बिखेरते हुए उन्होंने एक विकेट चटका दिया। मैच के दौरान ही कप्तान सौरव गांगुली खुद उनके पास आए, उनके कंधे पर थपकी दी और अपनी खास शैली में बोले—वाह यार! तोहरी गेंद तो तेजी से अंदर घूमतनी है!”

लेकिन मैदान के बाहर इरफान एक अजीब-सी जंग लड़ रहे थे। मस्जिद के इमाम अब्बा की छत्रछाया और मस्जिद के छोटे से क्वार्टर में पले-बढ़े इरफान पहली बार देश की सीमाओं से बाहर कदम रख रहे थे। उस दौर में ड्रेसिंग रूम में हर खिलाड़ी की पसंद का खाना आसानी से नहीं मिलता था। टीम को खाने में ‘लजान्या’ (Lasagna) परोसा जाता था—पास्ता, चीज और आलू से बनी एक इटालियन डिश।

मांसाहार के नाम पर भी भारत जैसा मसालेदार मटन या मुर्ग नहीं, बल्कि अजीब सा उबला हुआ विदेशी खाना मिलता था। भारतीय खानपान के शौकीन और संकोची स्वभाव के इरफान के गले वह लजान्या उतर ही नहीं पा रहा था। वे मन ही मन सोचते कि काश! थोड़े से चावल और चटनी मिल जाती, तो दिल खुश हो जाता!”

भूखे पेट तो गेंदबाजी हो नहीं सकती थी, इसलिए इरफान ने एक जुगाड़ निकाला-वे रोज सिर्फ दूध और चावल (दूध-भात) खाकर पेट भरने लगे। उन्हें बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि ड्रेसिंग रूम के एक कोने से कोई बहुत ध्यान से उनकी इस मजबूरी को भांप रहा था।

एक दिन मैच खत्म होने के बाद इरफान अपने होटल के कमरे में थके-हारे आराम कर रहे थे। अचानक फोन की घंटी बजी।

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रेयर पिक्चरः जहां चार यार...कैफ,इरफान, जहीर एवं भज्जी

इरफान ने फोन उठाया, "हेलो?" उधर से एक रौबदार मगर बेहद आत्मीय आवाज आई,"मैं लक्ष्मण (वी.वी.एस. लक्ष्मण) बोल रहा हूं। 15 मिनट में फटाफट तैयार होकर नीचे आ जा, साथ में खाना खाने चलते हैं।"

एक दिग्गज सीनियर खिलाड़ी खुद दावत दे रहा हो! इरफान खुशी-खुशी तुरंत तैयार होकर नीचे पहुंचे। दोनों एडिलेड के मशहूर होटल हयात से बाहर निकले। इरफान मन ही मन बेहद खुश थे।

उन्हें लगा कि लक्ष्मण भाई भी इस विदेशी खाने से तंग आ चुके होंगे और किसी हिंदुस्तानी ढाबे या इंडियन रेस्तरां ले जाएंगे। लेकिन जैसे ही लक्ष्मण ने सामने मौजूद एक 'थाई रेस्तरां' का दरवाजा खोला, इरफान का दिल बैठ गया। मन एकदम खट्टा हो गया,अरे यार! यहां भी वही विदेशी खाना !”

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रेयर पिक्चर: इरफान पठान सेे चुहलबाजी करते वीवीएस लक्ष्मण

लक्ष्मण ने शाकाहारी थाई फूड का ऑर्डर दिया। भारी मन से इरफान ने भी वही मंगा लिया। पहली बार थाई खाना चख रहे इरफान अभी पहला निवाला खा ही रहे थे कि पास बैठे वी.वी.एस. लक्ष्मण ने इरफान के कंधे पर बहुत प्यार से हाथ रखा।

लक्ष्मण की आंखों में एक गहरे तजुर्बे की चमक थी। वे बोले,"देखो इरफान, मैं तुम्हें पिछले कई दिनों से चुपचाप सिर्फ दूध और चावल खाते देख रहा हूं। इसीलिए आज तुम्हें यहां लेकर आया हूं।"

लक्ष्मण थोड़ा रुके और इरफान की आंखों में देखते हुए वह ऐतिहासिक बात कही, जो हर उभरते हुए एथलीट के लिए एक गुरुमंत्र है:

"तुम्हें अगर एक महान क्रिकेटर बनना है, तो तुम्हें दुनिया भर के अनगिनत विदेशी दौरों पर जाना होगा। लेकिन एक बेहतरीन क्रिकेटर बनने से पहले तुम्हें एक 'ग्रेट ट्रैवलर' (उत्कृष्ट यात्री) बनना होगा! तुम्हें हर देश का, हर तरह का खाना आजमाना होगा। जब तक तुम हर तरह की खुराक नहीं लोगे, तुम्हारे शरीर में वह ताकत और स्टैमिना बरकरार नहीं रह पाएगा। दूध-भात से इंटरनेशनल क्रिकेट की फिटनेस मेंटेन नहीं हो सकती! जब शरीर को हर तरह का पोषण मिलेगा, तभी तुम तपती धूप में लंबी स्पेल फेंक पाओगे और मैदान पर झंडे गाड़ पाओगे।"

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स्टूडियो में वीवीएस लक्ष्मण एवं अरफान पठान 

लक्ष्मण की यह बात 19 साल के इरफान के दिल में सीधे तीर की तरह जा लगी। उस एक छोटी सी सीख ने उनके दिमाग के सारे कपाट खोल दिए। उस दिन के बाद से इरफान पठान ने लक्ष्मण की इस नसीहत को अपनी गांठ बांध लिया। उसके बाद वे दुनिया के किसी भी कोने में गए, उन्होंने कभी खाने को लेकर नखरे नहीं किए। उन्होंने दुनिया भर की क्यूजीन (व्यंजन) को न सिर्फ अपनाया, बल्कि बड़े चाव से खाया।

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नतीजा? मैदान पर उनकी स्विंग का जादू सालों तक गरजता रहा और आज संन्यास के बरसों बाद भी इरफान पठान की गिनती भारत के सबसे फिट और हैंडसम पूर्व खिलाड़ियों में होती है।

कभी-कभी जीवन में बड़ी कामयाबी पाने के लिए सिर्फ आपकी स्किल ही काफी नहीं होती; किसी ज्ञानी सीनियर की एक छोटी सी सही सलाह और आपका खुला नजरिया आपको साधारण से 'असाधारण' बना देता है!