जून तिमाही में भारतीय अर्थव्यवस्था अनुमान से बेहतर 7.8 प्रतिशत की दर से बढ़ी

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 31-08-2026
Indian economy grew at a better-than-expected 7.8 percent in the June quarter
Indian economy grew at a better-than-expected 7.8 percent in the June quarter

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
भारतीय अर्थव्यवस्था चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-जून तिमाही में अनुमान से बेहतर 7.8 प्रतिशत की दर से बढ़ी। यह अमेरिका-ईरान युद्ध और इसकी वजह से उपजी वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता के बीच घरेलू आर्थिक गतिविधियों की मजबूती को दर्शाता है।
 
हालांकि, वित्त वर्ष 2026-27 की जून तिमाही में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर जनवरी-मार्च तिमाही के 8.6 प्रतिशत के मुकाबले कम रही है। लेकिन पश्चिम एशिया में संघर्ष शुरू होने और ऊर्जा बाजारों में उथल-पुथल के बाद लगाए गए अनुमानों से भारत की जीडीपी वृद्धि अधिक रही है।
 
सरकार की तरफ से सोमवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक, जीडीपी वृद्धि दर जून तिमाही में बढ़कर 7.8 प्रतिशत रही जबकि एक साल पहले की समान तिमाही में यह 6.9 प्रतिशत थी।
 
पहली तिमाही में 7.8 प्रतिशत वृद्धि दर भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के सात प्रतिशत के अनुमान से भी अधिक है। इस तरह भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्था बना हुआ है।
 
आरबीआई ने वित्त वर्ष 2026-27 में भारतीय अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर 6.7 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया है।
 
ईरान संघर्ष से ऊर्जा कीमतों में बढ़ोतरी, महंगाई के दबाव और वैश्विक मांग कमजोर होने की आशंका पैदा हुई थी। ऐसे में उम्मीद से बेहतर वृद्धि दर से संकेत मिलता है कि बाहरी झटकों के बावजूद भारत की आर्थिक वृद्धि की गति अब तक कायम रही है।
 
यह आंकड़ा नीति-निर्माताओं के लिए कुछ राहत लेकर आया है, क्योंकि वे वृद्धि को बनाए रखने के प्रयासों के साथ भू-राजनीतिक तनाव और जिंस बाजारों में उतार-चढ़ाव से पैदा होने वाले जोखिमों के बीच संतुलन बनाने में जुटे हैं।
 
सांख्यिकी एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय (एमओएसपीआई) की तरफ से जारी आंकड़ों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में स्थिर कीमतों पर वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) 81.36 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। वित्त वर्ष 2025-26 की समान तिमाही में यह 75.46 लाख करोड़ रुपये था।