नई दिल्ली
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का प्रशासन अमेरिका में शरण मांगने वाले विदेशी नागरिकों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की तैयारी कर रहा है। रिपोर्टों के मुताबिक, अमेरिकी सरकार ऐसे 2 लाख तक विदेशियों के बी-1 और बी-2 वीजा रद्द करने की योजना बना रही है, जिन्होंने अमेरिका में पहुंचने के बाद शरण के लिए आवेदन किया है या वर्तमान में शरण मांग रहे हैं। यदि यह योजना लागू होती है, तो यह अमेरिकी इतिहास में वीजा रद्द करने की सबसे बड़ी एकल कार्रवाई हो सकती है।
एसोसिएटेड प्रेस (एपी) के अनुसार, अमेरिकी विदेश विभाग के दस्तावेजों और दो अमेरिकी अधिकारियों से मिली जानकारी के आधार पर यह योजना तैयार की गई है। प्रस्तावित कार्रवाई उन बी-1 और बी-2 वीजा धारकों पर केंद्रित होगी, जिन्हें 2016 से 2026 के बीच वीजा जारी किया गया था और जिन्होंने बाद में अमेरिका में शरण के लिए आवेदन किया।
बी-1 वीजा आम तौर पर कारोबारी यात्राओं के लिए, जबकि बी-2 वीजा पर्यटन, परिवार से मिलने या चिकित्सा जैसी अस्थायी यात्राओं के लिए जारी किया जाता है। अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि कुछ लोग इन अस्थायी वीजा का इस्तेमाल अमेरिका पहुंचने के लिए करते हैं और वहां पहुंचने के बाद शरण के लिए आवेदन कर स्थायी रूप से रहने की कोशिश करते हैं।
अमेरिकी विदेश विभाग इस प्रक्रिया को होमलैंड सिक्योरिटी विभाग (DHS) के साथ मिलकर आगे बढ़ाएगा। विदेश विभाग के प्रवक्ता टॉमी पिगॉट ने एपी को बताया कि सरकार ऐसे विदेशी नागरिकों की पहचान कर रही है, जो अल्पकालिक यात्रा के उद्देश्य से अमेरिका आए लेकिन बाद में वहां रहने के लिए शरण का आवेदन कर दिया।
हालांकि, विदेश विभाग ने अभी यह स्पष्ट नहीं किया है कि वास्तव में कितने लोगों के वीजा रद्द किए जाएंगे। अधिकारियों के मुताबिक प्रक्रिया अभी जारी है और अंतिम संख्या में बदलाव हो सकता है। इसलिए 2 लाख का आंकड़ा संभावित अधिकतम संख्या के रूप में सामने आया है, अंतिम संख्या के रूप में नहीं।
प्रस्तावित वीजा रद्दीकरण का मतलब यह जरूरी नहीं है कि प्रभावित लोगों को तत्काल अमेरिका से निर्वासित कर दिया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, जिन लोगों के शरण संबंधी मामले लंबित हैं, उनके आव्रजन दर्जे में बदलाव किया जा सकता है, जबकि उनका बी-1 या बी-2 वीजा समाप्त हो जाएगा।
इस योजना को कानूनी चुनौती मिलने की संभावना भी जताई जा रही है। यदि प्रशासन बड़े पैमाने पर वीजा रद्द करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाता है, तो प्रभावित लोग और अधिकार संगठन अदालत का रुख कर सकते हैं। रिपोर्टों के अनुसार, ट्रंप प्रशासन पहले ही वीजा और आव्रजन व्यवस्था को सख्त करने के कई कदम उठा चुका है।
अमेरिकी विदेश विभाग के मुताबिक, पिछले 18 महीनों में करीब 1.75 लाख वीजा पहले ही रद्द किए जा चुके हैं। इनमें आपराधिक मामलों में आरोपी या दोषी पाए गए लोगों के साथ-साथ अमेरिकी नीतियों के खिलाफ सार्वजनिक रूप से बोलने वाले कुछ विदेशी नागरिक भी शामिल हैं।
ट्रंप प्रशासन का कहना है कि उसका उद्देश्य आव्रजन व्यवस्था में कथित दुरुपयोग को रोकना और राष्ट्रीय हितों की रक्षा करना है। वहीं आलोचकों का कहना है कि इस तरह की व्यापक कार्रवाई से वैध शरण चाहने वालों और अन्य विदेशी नागरिकों के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं।
फिलहाल 2 लाख तक वीजा रद्द करने की योजना अंतिम रूप से लागू नहीं हुई है। अमेरिकी विदेश विभाग आने वाले हफ्तों में इस संबंध में औपचारिक कदम उठा सकता है।