वॉशिंगटन डीसी
अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने एच-1बी वीजा की फीस में भारी बढ़ोतरी के प्रस्ताव का समर्थन किया है। अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग (DHS) ने नए एच-1बी आवेदकों के लिए 1,03,265 डॉलर की फीस प्रस्तावित की है। यह राशि पहले प्रस्तावित 1 लाख डॉलर की फीस से अधिक है, जिसे अदालत ने खारिज कर दिया था।
जेडी वेंस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर वॉल स्ट्रीट जर्नल की इस मुद्दे से संबंधित एक रिपोर्ट साझा करते हुए कहा, “अगर किसी अमेरिकी कंपनी को कर्मचारियों की जरूरत है, तो उसे अमेरिकी नागरिकों को नौकरी देनी चाहिए और उन्हें प्रशिक्षित करना चाहिए।”
वेंस की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब डीएचएस ने सोमवार को एक प्रस्ताव दाखिल कर एच-1बी वीजा के लिए नई फीस लागू करने की योजना सामने रखी। प्रस्ताव के अनुसार, 1,03,265 डॉलर की फीस आवेदन दाखिल करते समय देनी होगी। यह शुल्क एच-1बी कैप के तहत आने वाले सभी आवेदनों पर लागू होगा। इसमें उन आवेदकों को भी शामिल किया गया है जो उच्च शिक्षा यानी एडवांस्ड डिग्री के लिए निर्धारित छूट के पात्र हैं।
यह प्रस्तावित शुल्क अन्य सभी लागू सरकारी फीस और भुगतानों के अतिरिक्त होगा। डीएचएस के मुताबिक, इससे मिलने वाले राजस्व का इस्तेमाल वैध आव्रजन व्यवस्था को संचालित करने में सरकार की लागत के एक हिस्से की भरपाई के लिए किया जाएगा। इसमें गृह सुरक्षा विभाग के साथ-साथ न्याय, विदेश और श्रम विभागों की आव्रजन संबंधी गतिविधियां शामिल हैं।
डीएचएस ने प्रस्ताव पर जनता से राय भी मांगी है। दस्तावेज के मुताबिक, प्रस्ताव प्रकाशित होने के बाद लोगों को अपनी टिप्पणियां और सुझाव देने के लिए 30 दिनों का समय दिया गया है।
हालांकि, यह नियम अभी अंतिम नहीं है। इसे लागू होने में कई महीने लग सकते हैं। प्रस्ताव को कानूनी चुनौती मिलने की स्थिति में प्रक्रिया और लंबी हो सकती है।
एच-1बी वीजा अमेरिका में विशेष कौशल वाले पेशों में विदेशी पेशेवरों को काम करने की अनुमति देता है। इसके लिए आम तौर पर आवेदक के पास कम से कम स्नातक डिग्री या उसके समकक्ष योग्यता होना आवश्यक है। एच-1बी वीजा सामान्यतः तीन वर्ष के लिए जारी किया जाता है और इसे तीन वर्ष के लिए आगे बढ़ाया जा सकता है।
भारत और अन्य देशों के बड़ी संख्या में तकनीकी और पेशेवर कर्मचारी अमेरिका में काम करने के लिए एच-1बी वीजा का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में फीस में इतनी बड़ी वृद्धि का प्रस्ताव विदेशी पेशेवरों और अमेरिकी कंपनियों दोनों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
नए प्रस्ताव से पहले ट्रंप प्रशासन ने एच-1बी वीजा के लिए 1 लाख डॉलर की अतिरिक्त फीस लागू करने की कोशिश की थी। हालांकि, जून में बोस्टन स्थित अमेरिकी जिला अदालत के जज लियो सोरोकिन ने उस नीति को खारिज कर दिया था।
CNN के अनुसार, जज सोरोकिन ने माना था कि राष्ट्रपति के पास इस तरह की नई अनिवार्य राशि लागू करने का अधिकार नहीं था। अदालत के अनुसार, संघीय आव्रजन नीति में इस तरह का बदलाव करने और नई अनिवार्यता लागू करने का अधिकार कांग्रेस के पास है। अदालत ने प्रस्तावित राशि को कर के स्वरूप वाला कदम भी माना था।
अब डीएचएस ने नई 1,03,265 डॉलर फीस का प्रस्ताव रखा है। हालांकि, इसके लागू होने से पहले सार्वजनिक टिप्पणियों और संभावित कानूनी चुनौतियों की प्रक्रिया पूरी होनी बाकी है।