ट्रंप के ‘अप्रत्याशित व्यवहार’ के कारण भारत ने एहतियातन मीडिया से बात न करने का फैसला किया: सूत्र

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 24-08-2026
 media as a precaution due to Trump's 'unpredictable behaviour': Sources
media as a precaution due to Trump's 'unpredictable behaviour': Sources

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
 भारत ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कई विदेशी नेताओं के प्रति “अप्रत्याशित व्यवहार” को देखते हुए एहतियाती रुख अपनाया और जून में फ्रांस में अमेरिकी नेता के साथ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की बातचीत के बाद संयुक्त प्रेस वार्ता नहीं करने का फैसला लिया। सरकारी सूत्रों ने सोमवार को यह जानकारी दी।

यह स्पष्टीकरण भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर के इस बयान के मद्देनजर आया है कि फ्रांस में ट्रंप और मोदी की बैठक से पहले नयी दिल्ली ने अमेरिकी पक्ष से कहा था कि वह दोनों नेताओं की संयुक्त प्रेस वार्ता नहीं चाहती।
 
सूत्रों ने कहा कि नेताओं के सार्वजनिक कार्यक्रमों पर चर्चा करना एक सामान्य व्यवस्था और नियमित राजनयिक प्रक्रिया का हिस्सा है।
 
मोदी और ट्रंप ने 17 जून को फ्रांस में जी7 (सात देशों के समूह) शिखर सम्मेलन से इतर बातचीत की थी। इस बैठक को द्विपक्षीय संबंधों को सुधारने की दिशा में अहम कदम माना गया था, क्योंकि भारत-पाकिस्तान के बीच सैन्य संघर्ष में मध्यस्थता के ट्रंप के दावे और भारतीय वस्तुओं पर वाशिंगटन की ओर से लगाए गए भारी शुल्क की वजह से दोनों पक्षों में तनाव बढ़ गया था।
 
गोर ने पिछले हफ्ते आयोजित ‘इकोनॉमिक टाइम्स वर्ल्ड लीडर्स फोरम’ में ट्रंप और मोदी की दोस्ती का जिक्र करते हुए फ्रांस में दोनों नेताओं के बीच हुई मुलाकात के बारे में बताया।
 
उन्होंने कहा, “हम मंच के पीछे थे। एक समय ऐसा भी आया, जब वहां सिर्फ मैं और राष्ट्रपति (ट्रंप) थे। उन्होंने (ट्रंप) मुझसे पूछा-भारतीय पक्ष कौन-से मुद्दे उठाएगा? हमने कुछ विषयों पर चर्चा की और उन्होंने पूछा-क्या उनकी (भारत) कोई मांग है?”
 
गोर के मुताबिक, उन्होंने ट्रंप से कहा कि (भारतीय) विदेश मंत्रालय की बस एक ही “मांग” है कि वह “मीडिया से बातचीत नहीं चाहता।” उन्होंने बताया कि इस पर अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा : “ठीक है, कोई बात नहीं।”
 
गोर ने कहा कि ट्रंप इस अनुरोध को भूल गए और मोदी के साथ बैठक के बाद करीब 45 मिनट तक चली प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने कई सवालों के जवाब दिए।
 
अमेरिकी राजदूत ने कहा, “वहां करीब 50 कैमरे रहे होंगे। राष्ट्रपति (ट्रंप) और प्रधानमंत्री (मोदी) वहां बैठे थे। दोनों ने कुछ मिनट तक बात की। जैसे ही उनकी बात खत्म हुई, राष्ट्रपति ने सबसे पहले कैमरे की तरफ देखा और पूछा-कोई सवाल?”