ट्रंप का दावा, ईरान ने बैठक का अनुरोध किया; तेहरान ने किया खंडन

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  [email protected] | Date 30-06-2026
Trump claims Iran requested a meeting; Tehran denies it.
Trump claims Iran requested a meeting; Tehran denies it.

 

वाशिंगटन/तेहरान।

अमेरिका और ईरान के बीच हालिया सैन्य हमलों के बाद तनाव कम करने की कोशिशों के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान ने अमेरिका के साथ बैठक का अनुरोध किया है और यह बैठक आज कतर में हो सकती है। हालांकि, ईरान ने ट्रंप के इस दावे को खारिज कर दिया है।

डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि पिछले सप्ताह दोनों देशों के बीच हुए सैन्य हमलों के आदान-प्रदान के बाद ईरान ने बातचीत की इच्छा जताई है। उन्होंने दावा किया कि दोनों पक्षों के बीच कतर में बैठक प्रस्तावित है, जिसका उद्देश्य क्षेत्रीय तनाव को कम करना हो सकता है।

लेकिन ईरान के विदेश मंत्रालय ने अमेरिका के साथ किसी भी आधिकारिक बैठक की योजना से इनकार किया है। तेहरान ने स्पष्ट किया कि अमेरिका के साथ किसी राजनीतिक या कूटनीतिक बैठक का कार्यक्रम तय नहीं किया गया है।

हालांकि, ईरान ने यह जरूर बताया कि वह कतर की राजधानी दोहा में एक विशेषज्ञ प्रतिनिधिमंडल भेजेगा। इस प्रतिनिधिमंडल का मुख्य उद्देश्य ईरान की उन वित्तीय परिसंपत्तियों की रिहाई से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करना होगा, जो विभिन्न अंतरराष्ट्रीय समझौतों के तहत फ्रीज की गई थीं।

विश्लेषकों का मानना है कि हाल के सैन्य तनाव के बाद अमेरिका और ईरान के बीच प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष वार्ता की संभावनाएं बनी हुई हैं, लेकिन दोनों देशों के सार्वजनिक बयानों से यह स्पष्ट है कि कई मुद्दों पर अब भी गहरे मतभेद मौजूद हैं।

इस बीच, ईरान ने होरमुज जलडमरूमध्य में फ्रांस की प्रस्तावित बारूदी सुरंग निष्क्रिय करने की योजना पर भी कड़ा विरोध जताया है। तेहरान ने फ्रांस को चेतावनी देते हुए कहा है कि वर्तमान "संवेदनशील और जटिल स्थिति" में किसी भी प्रकार की उकसाने वाली कार्रवाई से बचना चाहिए।

ईरान का कहना है कि होरमुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा से जुड़े किसी भी कदम को क्षेत्रीय देशों की सहमति और संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए उठाया जाना चाहिए। तेहरान ने फ्रांस की संभावित सैन्य गतिविधियों को क्षेत्रीय तनाव बढ़ाने वाला कदम बताया है।

गौरतलब है कि होरमुज जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति का एक प्रमुख मार्ग है। दुनिया के लगभग 20 प्रतिशत तेल और तरलीकृत प्राकृतिक गैस की आपूर्ति इसी समुद्री मार्ग से होती है। इसलिए यहां बढ़ता तनाव अंतरराष्ट्रीय बाजारों को भी प्रभावित कर सकता है।

उधर, पश्चिम एशिया में हिंसा का सिलसिला थमता नजर नहीं आ रहा है। गाजा पट्टी में इजरायली सैन्य कार्रवाई में कम से कम आठ फिलिस्तीनियों के मारे जाने की खबर है। स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, इजरायली हमलों में कई अन्य लोग घायल भी हुए हैं।

इसके अलावा, इजरायली सेना ने दक्षिणी लेबनान में भी नए हवाई हमले किए हैं। यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब इजरायल और लेबनान के बीच युद्धविराम समझौता प्रभावी है। लेबनान ने इन हमलों की आलोचना करते हुए इसे युद्धविराम का उल्लंघन बताया है।

क्षेत्र में लगातार बढ़ते तनाव और सैन्य गतिविधियों के कारण अंतरराष्ट्रीय समुदाय चिंतित है। कई देशों और वैश्विक संगठनों ने सभी पक्षों से संयम बरतने तथा विवादों को बातचीत के जरिए सुलझाने की अपील की है।