अमेरिका और ईरान हमले रोकने पर सहमत, होरमुज विवाद पर कतर में होगी वार्ता

Story by  एटीवी | Published by  [email protected] | Date 29-06-2026
US and Iran agree to halt attacks; talks on Hormuz dispute to be held in Qatar.
US and Iran agree to halt attacks; talks on Hormuz dispute to be held in Qatar.

 

वाशिंगटन/दोहा।

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका और ईरान ने एक दूसरे पर हमले रोकने पर सहमति जताई है। अमेरिकी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार दोनों देश मंगलवार को कतर की राजधानी दोहा में वार्ता करेंगे। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य होरमुज जलडमरूमध्य को लेकर जारी विवाद का समाधान निकालना और क्षेत्र में कायम नाजुक युद्धविराम को बनाए रखना होगा।

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, अमेरिका और ईरान के बीच हाल के दिनों में कई बार सैन्य हमले हुए, जिससे खाड़ी क्षेत्र में तनाव बढ़ गया था। इन घटनाओं के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजारों और समुद्री व्यापार पर भी असर पड़ा। दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में शामिल होरमुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही बाधित होने की आशंका ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता बढ़ा दी थी।

अमेरिकी समाचार वेबसाइट एक्सियोस की रिपोर्ट के अनुसार, एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि दोनों देशों ने सभी सैन्य गतिविधियों को रोकने का फैसला किया है। एक अन्य अधिकारी ने बताया कि फिलहाल दोनों पक्ष पीछे हटने पर सहमत हुए हैं और समुद्री जहाजों की आवाजाही सामान्य रूप से जारी रहेगी।

रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच 17 जून को एक समझौता ज्ञापन पर सहमति बनी थी। इस समझौते के तहत ईरान ने होरमुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने का वादा किया था। वहीं अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों पर लगाए गए अवरोधों को हटाने की प्रतिबद्धता जताई थी।

हालांकि, ईरानी अधिकारियों का कहना है कि समझौते की कुछ शर्तों को अभी पूरी तरह लागू नहीं किया गया है। ईरान के सर्वोच्च नेता के कार्यालय से जुड़े मेहदी फजाएली ने कहा कि ईरान ने रविवार को प्रस्तावित तकनीकी वार्ता में हिस्सा नहीं लिया क्योंकि समझौते की कुछ शर्तें अभी अधूरी हैं। इनमें समझौते के तहत जारी किए गए ईरानी फंड तक पहुंच का मुद्दा भी शामिल है।

तनाव कम होने के संकेतों के बावजूद सप्ताहांत में दोनों देशों के बीच फिर तनाव बढ़ गया। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने दावा किया कि उसने ईरानी सैन्य ठिकानों पर हमले किए हैं। अमेरिका के अनुसार यह कार्रवाई वाणिज्यिक जहाजों के खिलाफ ईरानी गतिविधियों के जवाब में की गई।

वहीं ईरान ने दावा किया कि उसने जवाबी कार्रवाई करते हुए कुवैत और बहरीन स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। हालांकि कुवैत और बहरीन दोनों ने इन हमलों की निंदा की है।

होरमुज जलडमरूमध्य को लेकर विवाद फिलहाल दोनों देशों के बीच तनाव का प्रमुख कारण बना हुआ है। यह समुद्री मार्ग दुनिया के लगभग 20 प्रतिशत तेल और तरलीकृत प्राकृतिक गैस की आपूर्ति का प्रमुख रास्ता माना जाता है।

ईरान का कहना है कि इस जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों को उसकी तटरेखा के निकट निर्धारित मार्ग का इस्तेमाल करना चाहिए। ईरान ने किसी भी वैकल्पिक मार्ग व्यवस्था का विरोध किया है।

ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने कहा कि जलडमरूमध्य में वैकल्पिक समुद्री मार्गों की व्यवस्था क्षेत्रीय तनाव को और बढ़ा सकती है तथा जलमार्ग को पूरी तरह खोलने के प्रयासों को जटिल बना सकती है।

इस बीच ओमान द्वारा अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन के सहयोग से अपने तटीय क्षेत्र के साथ एक वैकल्पिक शिपिंग मार्ग विकसित करने की घोषणा से भी तेहरान नाराज है। ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने चेतावनी दी है कि ईरानी निर्देशों का उल्लंघन करने वाले जहाजों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

विश्लेषकों का मानना है कि दोहा में होने वाली वार्ता दोनों देशों के बीच हालिया सैन्य तनाव के बाद पहली उच्चस्तरीय बैठक होगी। इस बैठक में समुद्री सुरक्षा, जहाजों की आवाजाही और 17 जून के समझौते के क्रियान्वयन पर विस्तार से चर्चा होने की संभावना है।

अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें अब इस वार्ता पर टिकी हैं, क्योंकि इसकी सफलता से न केवल क्षेत्रीय स्थिरता बहाल हो सकती है, बल्कि वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और समुद्री व्यापार पर मंडरा रहे संकट को भी कम किया जा सकता है।