ईरान युद्ध खत्म होते ही तेल सस्ता होगा, ट्रंप का बड़ा दावा

Story by  एटीवी | Published by  [email protected] | Date 08-09-2026
Oil prices will drop once the Iran war ends: Trump's bold claim.
Oil prices will drop once the Iran war ends: Trump's bold claim.

 

वॉशिंगटन।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान के साथ जारी संघर्ष में अमेरिका की जीत के बाद तेल की कीमतों में भारी गिरावट आएगी। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में अमेरिका में पेट्रोल की कीमत तीन डॉलर प्रति गैलन तक पहुंच सकती है और अंततः यह दो डॉलर प्रति गैलन से भी नीचे जा सकती है।

ट्रंप ने सोमवार को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट के जरिए यह दावा किया। उन्होंने मध्य पूर्व में चल रहे सैन्य अभियान और ऊर्जा की ऊंची कीमतों के बीच सीधा संबंध बताया। ट्रंप के मुताबिक, युद्ध खत्म होने के बाद ऊर्जा बाजार में तेजी से स्थिरता लौट सकती है।

ट्रंप ने अपनी पोस्ट में कहा कि जब अमेरिका ईरान के खिलाफ युद्ध जीत जाएगा, तब तेल की कीमतों में बहुत तेजी से गिरावट आएगी। उन्होंने कहा कि पेट्रोल की कीमत पहले तीन डॉलर प्रति गैलन तक आ सकती है और अंततः दो डॉलर प्रति गैलन से भी नीचे पहुंच सकती है।

अमेरिकी राष्ट्रपति ने एक बार फिर ईरान को लेकर अपने रुख को स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि अमेरिका ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने की अनुमति नहीं देगा। ट्रंप ने यह भी दावा किया कि पूरी स्थिति तेजी से बदल सकती है और ईरान कभी परमाणु हथियार हासिल नहीं कर पाएगा।

ईरान की ओर से अमेरिका को चेतावनी

इस बीच ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने अमेरिका को ईरान के ऊर्जा प्रतिष्ठानों के खिलाफ किसी भी तरह की कार्रवाई को लेकर कड़ी चेतावनी दी है।

गालिबाफ ने सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि ईरान की तेल और गैस उत्पादन व्यवस्था काफी विस्तृत है और उसके कई हिस्से आसानी से निशाना बनाए जा सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इस क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी तेल और गैस कंपनियों के प्रतिष्ठान भी इसी तरह जोखिम के दायरे में हैं।

उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर ईरान की संपत्तियों पर हमला किया गया तो इसका जवाब दिया जाएगा। गालिबाफ ने दावा किया कि ईरान पहले ही अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाकर अपनी क्षमता दिखा चुका है।

उन्होंने अपनी पोस्ट के साथ साझा की गई एक तस्वीर में अमेरिकी अर्थव्यवस्था के लिए मुश्किल दौर आने की बात भी कही। यह बयान ऐसे समय आया है जब दोनों देशों के बीच सैन्य तनाव लगातार बढ़ा हुआ है।

अमेरिकी रक्षा मंत्री के बयान पर भी प्रतिक्रिया

गालिबाफ ने अमेरिकी युद्ध मंत्री पीट हेगसेथ की एक पोस्ट को दोबारा साझा करते हुए यह टिप्पणी की। हेगसेथ ने दावा किया था कि ईरान का तेल टैंकर बेड़ा अपनी सुरक्षा करने में सक्षम नहीं है।

हेगसेथ ने कहा था कि यदि ईरान अमेरिकी जहाजों पर हमला करता है तो अमेरिका उसके तेल टैंकरों को नष्ट कर देगा। उन्होंने दावा किया कि ईरान के पास प्रभावी नौसेना और वायुसेना नहीं है और अमेरिकी विमान, जहाज और पनडुब्बियां उसके तेल टैंकरों को निशाना बनाने में सक्षम हैं।

अमेरिकी अधिकारी ने यह भी कहा कि अमेरिकी सेना मध्य पूर्व और प्रशांत क्षेत्र में ईरान के तेल बेड़े के खिलाफ कार्रवाई करने की क्षमता रखती है।

ईरानी तेल टैंकरों पर हमले का दावा

पीट हेगसेथ ने अमेरिकी सेंट्रल कमांड यानी CENTCOM की ओर से जारी एक वीडियो भी साझा किया। इसमें ईरानी तेल टैंकरों को निशाना बनाए जाने के दृश्य दिखाए गए।

CENTCOM ने दावा किया कि ईरान के तीन कच्चे तेल के टैंकर अरबों डॉलर के एक कथित छाया नेटवर्क का हिस्सा थे। अमेरिकी कमांड के अनुसार, इस नेटवर्क के जरिए ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC और उसके क्षेत्रीय सहयोगियों को आर्थिक मदद मिलती है।

CENTCOM ने यह भी दावा किया कि ईरान के पास इन तेल टैंकरों की रक्षा करने की पर्याप्त क्षमता नहीं है।

CENTCOM के कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर ने कहा कि IRGC के लिए संदेश बिल्कुल स्पष्ट है। अगर ईरान अमेरिकी जहाजों को निशाना बनाएगा तो अमेरिका उस पर और अधिक आर्थिक दबाव डालेगा और उसके तेल बेड़े को नुकसान पहुंचाने से पीछे नहीं हटेगा।

उन्होंने कहा कि अमेरिकी सेना अपने जवानों और सैन्य बलों की रक्षा करने में कोई हिचकिचाहट नहीं दिखाएगी। जरूरत पड़ने पर ईरान के सीमित और असुरक्षित तेल बेड़े को भी निशाना बनाया जा सकता है।

ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते सैन्य तनाव का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर भी पड़ रहा है। तेल उत्पादन, टैंकरों की आवाजाही और मध्य पूर्व से होने वाली ऊर्जा आपूर्ति को लेकर बाजार में लगातार चिंता बनी हुई है। ऐसे में ट्रंप का तेल और पेट्रोल की कीमतों में बड़ी गिरावट का दावा आने वाले दिनों में बाजार की दिशा के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।