Ambassador Gor Launches TRUST Fellowship, Champions India-US Partnership at Bengaluru Freedom 250 celebration
बेंगलुरु (कर्नाटक)
अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने रविवार को बेंगलुरु में अमेरिकी मिशन के नेशनल डे रिसेप्शन में अमेरिकी आज़ादी की 250वीं सालगिरह मनाई। इस मौके पर उन्होंने TRUST फेलोशिप लॉन्च की और द्विपक्षीय साझेदारी के ज़रिए अमेरिकी कर्मचारियों और व्यवसायों के लिए ठोस नतीजे देने पर ट्रंप प्रशासन के फोकस को दोहराया। एक आधिकारिक विज्ञप्ति में यह जानकारी दी गई। राजदूत गोर ने मेहमानों से कहा, "हर हफ़्ते हमारा दूतावास वास्तविक नतीजे देने की कोशिश करता है। भारत के साथ असीम संभावनाएं वास्तविक हैं, और हम ठोस नतीजे देने के लिए लगातार काम कर रहे हैं।"
विज्ञप्ति के अनुसार, राजदूत गोर ने TRUST फेलोशिप लॉन्च करने की घोषणा की। यह एक नई पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप है जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेमीकंडक्टर, क्वांटम कंप्यूटिंग और बायोटेक्नोलॉजी जैसी अहम तकनीकों में काम को आगे बढ़ाने के लिए शीर्ष अमेरिकी और भारतीय शोधकर्ताओं को एक साथ लाती है।
यह फेलोशिप निजी दानदाताओं क्रिस गोपालकृष्णन (प्रतिथि इन्वेस्टमेंट्स) और किरण मजूमदार-शॉ (मजूमदार-शॉ फिलैंथ्रोपी) की उदारता से संभव हुई है। इसमें इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी मद्रास (IIT-M), इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस बेंगलुरु (IISc) और मणिपाल एकेडमी ऑफ हायर एजुकेशन (MAHE) की साझेदारी है। यह प्रोग्राम अमेरिकी पोस्टडॉक्टरल शोधकर्ताओं और शुरुआती करियर वाले फैकल्टी सदस्यों को भारतीय संस्थानों के साथ 12 महीने के सहयोगी रिसर्च प्रोजेक्ट्स के लिए स्टाइपेंड देगा, जो इसी महीने शुरू होंगे।
राजदूत गोर ने कहा, "मैं चाहता हूं कि TRUST फेलोशिप और अधिक लीडर्स को आगे आने के लिए प्रेरित करे, जिससे प्रोग्राम में और अधिक फेलो शामिल हों और बाज़ार तक और अधिक नई खोजें पहुंचें।" विज्ञप्ति के अनुसार, राजदूत गोर ने बेंगलुरु में अमेरिकी कमर्शियल सर्विस की मौजूदगी बढ़ाने की भी घोषणा की। इसका मकसद अमेरिकी कंपनियों को ज़्यादा सपोर्ट देना है - जिसमें एक्सपोर्ट काउंसलिंग, मार्केट इंटेलिजेंस और जांचे-परखे स्थानीय पार्टनर्स के साथ संपर्क शामिल हैं - ताकि वे दक्षिण भारत में प्रतिस्पर्धा कर सकें और आगे बढ़ सकें।
"अमेरिकी कंपनियों को इस बाज़ार में मज़बूत सपोर्ट, बेहतर मार्केट इंटेलिजेंस और ज़्यादा मौकों की ज़रूरत है। यह विस्तार ठीक यही चीज़ें देता है। इसका मतलब है ज़्यादा अमेरिकी एक्सपोर्ट। इसका मतलब है ज़्यादा अमेरिकी नौकरियां। और इसका मतलब है कि अमेरिकी कंपनियां बेंगलुरु के ग्रोथ इंजन में सीधे तौर पर हिस्सेदारी करेंगी।"
राजदूत गोर ने अंतरिक्ष के क्षेत्र में भारत-अमेरिका सहयोग को इस साझेदारी की महत्वाकांक्षा का प्रतीक बताया। उन्होंने हाल के संयुक्त मिशनों और चंद्रमा की खोज पर दोनों देशों की अंतरिक्ष एजेंसियों के बीच चल रही बातचीत का ज़िक्र किया। उन्होंने कहा, "इससे पता चलता है कि यह साझेदारी किस दिशा में आगे बढ़ रही है: और बड़ी, और साहसी, और ज़्यादा महत्वाकांक्षी।"
प्रेस रिलीज़ में बताया गया कि इस मौके पर बेंगलुरु में कई मशहूर इमारतों को लाल, सफ़ेद और नीले रंगों की रोशनी से सजाया गया। इनमें विधान सौधा, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ़ साइंस की मुख्य इमारत, ITC गार्डेनिया, कब्बन पार्क में स्टेट सेंट्रल लाइब्रेरी, बोइंग और कॉलिन्स एयरोस्पेस शामिल थे। शाम को सांस्कृतिक कार्यक्रम और खाने-पीने का जश्न भी मनाया गया। क्राइस्ट यूनिवर्सिटी के छात्रों ने भारत और अमेरिका के राष्ट्रगान गाए। साथ ही, U.S. फॉरेन एग्रीकल्चरल सर्विस ने अमेरिकी खान-पान और कृषि उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई; रिसेप्शन में अमेरिकी सेब, क्रैनबेरी, पेकन और पिस्ते से बने व्यंजन परोसे गए।
"आइए, अमेरिकी आज़ादी के 250 साल का जश्न मनाएं – वह आज़ादी जो कुछ बनाने, मुकाबला करने और जीतने की है। और आइए, भारत के साथ उस साझेदारी का जश्न मनाएं जो हमारे दोनों देशों के लिए ठोस नतीजे दे रही है।"