New Trump administration order could lead to the detention of thousands of legal asylum seekers
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने एक नया आदेश जारी किया है जिससे देश में मौजूद उन हजारों शरणार्थियों को गिरफ्तार किया जा सकता है जो यहां वैध रूप से रह तो रहे हैं लेकिन अब तक उनका कोई स्थायी आवास नहीं है।
मिनिसोटा में बृहस्पतिवार को होने वाली संघीय अदालत की सुनवाई से पहले गृह मंत्रालय (डीएचएस) द्वारा दाखिल एक मेमो में कहा गया है कि ‘ग्रीन कार्ड’ के लिए आवेदन करने वाले शरणार्थियों को अपने आवेदनों की समीक्षा के लिए अमेरिका में प्रवेश किए जाने के एक साल बाद संघीय हिरासत में रहना होगा।
बुधवार को दाखिल मेमो में कहा गया है कि डीएचएस ‘‘निरीक्षण और जांच प्रक्रिया की अवधि के लिए आव्रजकों को हिरासत में रख सकता है।’’
मानवाधिकार कार्यकर्ता और पुनर्वास समूहों ने इस आदेश की कड़ी आलोचना की है और संभवत: इस आदेश को कानूनी चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा। इस आदेश से पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडन के प्रशासन के दौरान अमेरिका आए लगभग 200,000 शरणार्थियों के बीच भ्रम और भय पैदा हो सकता है।
यह आदेश ट्रंप प्रशासन द्वारा आव्रजन पाबंदियों की श्रृंखला में हालिया कार्रवाई है।
पिछले साल के अंत में ‘एसोसिएटेड प्रेस’ (एपी) द्वारा प्राप्त एक मेमो में कहा गया था कि ट्रंप प्रशासन बाइडन प्रशासन के दौरान अमेरिका में प्रवेश पाने वाले सभी शरणार्थियों की समीक्षा करने की योजना बना रहा है तथा बाइडन के कार्यकाल के दौरान आए शरणार्थियों के लिए ‘ग्रीन कार्ड’ की मंजूरी तुरंत निलंबित कर दी गई थी।
प्रशासन ने नीति में बदलाव के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा और आर्थिक चिंताओं का हवाला दिया। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि देश में प्रवेश करने वाले शरणार्थियों की पहले से ही व्यापक जांच-पड़ताल की जाती है।