नई दिल्ली: केंद्रीय गृहमंत्री Amit Shah शुक्रवार को असम के काचर जिले के नाथनपुर से वाइब्रेंट विलेजेस प्रोग्राम (VVP) के दूसरे चरण का शुभारंभ करेंगे। इस चरण में 15 राज्यों और 2 केंद्र शासित प्रदेशों के 1,954 अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे गाँवों का समग्र विकास शामिल है।
VVP-II: उद्देश्य और बजट
केंद्र सरकार के अनुसार, VVP-II एक केंद्र-नियंत्रित योजना होगी, जिसका कुल बजट ₹6,839 करोड़ है और यह वित्तीय वर्ष 2028-29 तक जारी रहेगी। इसका उद्देश्य सीमा गाँवों के संपूर्ण और सतत विकास को सुनिश्चित करना है।
गृहमंत्री अमित शाह ने ट्वीट किया, "VVP ने मोदी जी के विजन के तहत भारत के पहले गाँवों के विकास को साकार किया। अब VVP-II इन लाभों को अधिक गाँवों तक पहुंचाकर सीमाओं को और मजबूत करेगा।" उन्होंने कहा कि यह पहल सीमा गाँवों में बुनियादी सुविधाओं, स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार अवसरों को बढ़ाकर उन्हें सतत और सुरक्षित केंद्र बनाती है।
VVP-I की सफलता और परियोजनाएं
VVP-I को 15 फरवरी 2023 को मंजूरी मिली थी, जिसमें 19 जिलों के 662 चयनित गाँवों को शामिल किया गया। इस चरण में 2,558 परियोजनाएं/कार्य ₹3,431 करोड़ की लागत से स्वीकृत हुए, जिनमें स्वास्थ्य और पशु चिकित्सा शिविर, जागरूकता अभियान, मेले और पर्यटन संवर्धन जैसी 8,500 से अधिक गतिविधियां शामिल हैं।
VVP-II के लक्ष्य और लाभ
इस चरण में चयनित गाँवों को आधारभूत ढांचे, स्वच्छ पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाएं, रोजगार और स्वरोजगार के अवसर प्रदान किए जाएंगे। योजना का उद्देश्य गाँवों को सुरक्षित, सशक्त और समृद्ध बनाना है।इसके अलावा, सीमा सुरक्षा और आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करना भी VVP-II का महत्वपूर्ण लक्ष्य है। ग्रामवासी न केवल स्थानीय विकास में योगदान देंगे, बल्कि वे देश की सीमाओं पर निगरानी और अपराध रोकथाम में भी मददगार साबित होंगे।
भारत @2047 के विकास दृष्टिकोण के अनुरूप
सरकार ने बताया कि यह योजना ‘विकसित भारत @2047’ के विजन के अनुरूप बनाई गई है। VVP-II के जरिए सीमा गाँवों में सुविधाओं का स्तर देश के अन्य हिस्सों के बराबर लाने का प्रयास किया जाएगा, ताकि वहाँ के लोग पलायन न करें और अपने गाँवों में ही सुरक्षित और समृद्ध जीवन व्यतीत कर सकें।





