पेशावर:
उत्तर-पश्चिमी पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में सुरक्षा बलों ने खुफिया जानकारी के आधार पर बड़ी कार्रवाई करते हुए चार आतंकवादियों को मार गिराया। सेना की मीडिया शाखा की ओर से जारी बयान में बताया गया कि यह अभियान लक्की मारवत जिले में चलाया गया, जहां आतंकियों की मौजूदगी की विश्वसनीय सूचना मिली थी।
खुफिया इनपुट के आधार पर चलाया गया अभियान
सेना के अनुसार, इलाके में संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिलने के बाद सुरक्षाबलों ने तत्काल घेराबंदी कर तलाशी अभियान शुरू किया। अभियान के दौरान आतंकवादियों ने गोलीबारी की, जिसके जवाब में सुरक्षाकर्मियों ने प्रभावी कार्रवाई की। मुठभेड़ में चार आतंकवादी ढेर हो गए। सुरक्षा बलों ने घटनास्थल से हथियार और भारी मात्रा में गोला-बारूद भी बरामद किया है।
‘फितना अल-ख्वारिज’ से जुड़े थे आतंकी
सेना के बयान में कहा गया है कि मारे गए आतंकी तथाकथित ‘फितना अल-ख्वारिज’ समूह से जुड़े थे। पाकिस्तान सरकार इस शब्द का इस्तेमाल उन आतंकियों के लिए करती है, जिनका संबंध प्रतिबंधित संगठन Tehrik-i-Taliban Pakistan (टीटीपी) से माना जाता है। टीटीपी लंबे समय से पाकिस्तान के विभिन्न हिस्सों में सुरक्षा बलों और आम नागरिकों को निशाना बनाता रहा है।
इलाके में कई आतंकी गतिविधियों में थे शामिल
प्रारंभिक जांच के मुताबिक, मारे गए आतंकवादी क्षेत्र में कई आतंकी घटनाओं में संलिप्त थे। सुरक्षा एजेंसियां उनके नेटवर्क और संभावित सहयोगियों की पहचान में जुट गई हैं। अधिकारियों का कहना है कि क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए ऐसे अभियान आगे भी जारी रहेंगे।
खैबर पख्तूनख्वा में बढ़ी सतर्कता
खैबर पख्तूनख्वा प्रांत लंबे समय से आतंकवाद की समस्या से जूझता रहा है। अफगानिस्तान से सटी सीमा और दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के कारण यह इलाका उग्रवादी गतिविधियों के लिए संवेदनशील माना जाता है। हाल के महीनों में सुरक्षा बलों ने कई सफल अभियान चलाकर आतंकियों के नेटवर्क को कमजोर करने का दावा किया है।
पाकिस्तानी सेना ने दोहराया है कि देश में आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी और किसी भी आतंकी तत्व को बख्शा नहीं जाएगा। सुरक्षा एजेंसियां क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन और खुफिया निगरानी बढ़ा रही हैं, ताकि भविष्य में किसी भी हमले की साजिश को समय रहते नाकाम किया जा सके।





