मिसाइल हमले में इजरायली मरकावा टैंक नष्ट, लेबनान से सेना हटाने की मांग तेज

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  [email protected] | Date 05-06-2026
Israeli Merkava tank destroyed in missile attack; calls to withdraw troops from Lebanon intensify.
Israeli Merkava tank destroyed in missile attack; calls to withdraw troops from Lebanon intensify.

 

तेहरान:

लेबनान के सशस्त्र संगठन Hezbollah ने दावा किया है कि उसके लड़ाकों ने दक्षिणी लेबनान के ऐतिहासिक ब्यूफोर्ट किले के निकट एक इजरायली मरकावा टैंक को मिसाइल हमले में नष्ट कर दिया। संगठन के अनुसार, यह हमला उस क्षेत्र में जारी संघर्ष के दौरान किया गया, जहां हाल के दिनों में इजरायली सेना और हिजबुल्लाह के बीच झड़पें तेज हो गई हैं।

हिजबुल्लाह ने कहा कि इजरायली सेना ने 31 मई को दक्षिणी लेबनान के नबातियेह क्षेत्र के पास स्थित ब्यूफोर्ट किले पर नियंत्रण स्थापित कर लिया था। इजरायल इस कार्रवाई को अपनी रणनीतिक और प्रतीकात्मक सफलता के रूप में प्रस्तुत कर रहा था। हालांकि, संगठन का दावा है कि किले पर कब्जे के बाद भी उसके लड़ाकों ने इजरायली सैनिकों को लगातार निशाना बनाया है।

हिजबुल्लाह के अनुसार, ब्यूफोर्ट किले और उसके आसपास के इलाकों में हुए हमलों में कई इजरायली सैनिक मारे गए और कई अन्य घायल हुए हैं। संगठन ने दावा किया कि इन अभियानों में उसने आधुनिक फाइबर-ऑप्टिक ड्रोन का इस्तेमाल किया, जिन्हें इलेक्ट्रॉनिक रूप से जाम करना या उनकी पहचान करना बेहद कठिन होता है।

संगठन का कहना है कि इन ड्रोन की मदद से इजरायली सैन्य ठिकानों और वाहनों को निशाना बनाया गया। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है और इजरायली सेना की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक टिप्पणी सामने नहीं आई है।

हिजबुल्लाह ने यह भी दावा किया कि ब्यूफोर्ट किले के अलावा कलात अल-शरीफ क्षेत्र में स्थित एक इजरायली रसद सहायता केंद्र को भी निशाना बनाया गया। संगठन के अनुसार, यह केंद्र क्षेत्र में सैन्य गतिविधियों के संचालन के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।

इस बीच, ईरान की शक्तिशाली सैन्य इकाई Islamic Revolutionary Guard Corps (आईआरजीसी) ने लेबनान की स्थिति पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि जब तक इजरायली सेना लेबनानी क्षेत्र से पूरी तरह वापस नहीं हटती, तब तक क्षेत्र में स्थायी शांति संभव नहीं है।

अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी तसनीम के अनुसार, आईआरजीसी ने एक बयान में कहा कि किसी भी युद्धविराम की बुनियादी शर्त यह होनी चाहिए कि लेबनान सहित सभी मोर्चों पर संघर्ष पूरी तरह बंद हो। संगठन ने मांग की कि इजरायल लेबनान पर हमले रोकने के साथ-साथ कब्जे वाले क्षेत्रों को खाली करे और अंतरराष्ट्रीय सीमा के पीछे लौटे।

उधर, हिजबुल्लाह के महासचिव Naim Qassem ने लेबनानी सरकार और इजरायल के बीच कथित समन्वय तथा प्रत्यक्ष संपर्कों की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि संघर्ष के समाधान के लिए सबसे पहले लेबनानी क्षेत्र से इजरायली सैनिकों की पूर्ण वापसी आवश्यक है।

नईम कासिम ने उन प्रस्तावों को भी खारिज कर दिया जिनमें युद्धविराम के बदले हिजबुल्लाह से हथियार छोड़ने की अपेक्षा की जा रही थी। उन्होंने कहा कि संगठन अपने रुख पर कायम है और लेबनान की संप्रभुता तथा क्षेत्रीय अखंडता को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है।

विश्लेषकों का मानना है कि दक्षिणी लेबनान में बढ़ती सैन्य गतिविधियां और हिजबुल्लाह-इजरायल के बीच जारी टकराव पूरे पश्चिम एशिया में तनाव को और बढ़ा सकते हैं। ऐसे समय में अंतरराष्ट्रीय समुदाय दोनों पक्षों से संयम बरतने और कूटनीतिक समाधान की दिशा में आगे बढ़ने की अपील कर रहा है।