केरल के बेटे तहसीन जमशेद पहुंचे FIFA World Cup में

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  [email protected] | Date 05-06-2026
Tahseen Jamshed, a son of Kerala, has reached the FIFA World Cup.
Tahseen Jamshed, a son of Kerala, has reached the FIFA World Cup.

 

नौशाद अख्तर

भारत में फुटबॉल का जुनून नया नहीं है। खासकर केरल, गोवा और पूर्वोत्तर राज्यों में यह खेल लोगों की जिंदगी का हिस्सा है। लेकिन करोड़ों भारतीय फुटबॉल प्रेमियों की एक कसक हमेशा रही कि दुनिया के सबसे बड़े फुटबॉल मंच FIFA World Cup में कभी कोई भारतीय खिलाड़ी मैदान पर नहीं उतर सका। अब यह इंतजार खत्म होने जा रहा है।

केरल से जुड़ी जड़ों वाले 19 वर्षीय तहसीन मोहम्मद जमशेद ने वह उपलब्धि हासिल कर ली है, जिसका सपना कई पीढ़ियों के भारतीय फुटबॉलरों ने देखा था। तहसीन का चयन FIFA World Cup 2026 के लिए कतर की राष्ट्रीय टीम में हुआ है। इसके साथ ही वह विश्व कप में खेलने वाले पहले भारतीय मूल के सक्रिय फुटबॉलर बनने जा रहे हैं।

यह उपलब्धि सिर्फ एक खिलाड़ी की सफलता नहीं, बल्कि भारतीय फुटबॉल के लिए भी गर्व का विषय है।
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पिता का अधूरा सपना बेटे ने किया पूरा

तहसीन की कहानी संघर्ष, सपनों और समर्पण की कहानी है। उनके पिता जमशेद थचनकंडी केरल के कन्नूर जिले से हैं। 1990 के दशक में वह खुद एक प्रतिभाशाली फुटबॉलर थे। वर्ष 1992 में उनका चयन भारत के युवा फुटबॉल शिविर के लिए हुआ था।

हालांकि पारिवारिक जिम्मेदारियों, पढ़ाई और भविष्य की चिंताओं के कारण वह अपने फुटबॉल करियर को आगे नहीं बढ़ा सके। उन्होंने बाद में कतर की राजधानी दोहा का रुख किया और कारोबार में लग गए।
लेकिन फुटबॉल उनके दिल में हमेशा जिंदा रहा।आज उनका वही सपना उनके बेटे तहसीन के माध्यम से पूरा हो रहा है।

जमशेद भावुक होकर कहते हैं, "जिस विश्व कप को मैं केवल टीवी पर देखता था, अब मेरा बेटा उसी मैदान पर खेलेगा। इससे बड़ी खुशी मेरे लिए क्या हो सकती है।"

डगआउट से शुरू हुआ विश्व कप का सफर

तहसीन जब केवल चार साल के थे, तब वह हर शुक्रवार अपने पिता के साथ स्थानीय फुटबॉल मैदानों में जाते थे। पिता मैच खेलते और छोटा सा तहसीन डगआउट के पास बैठकर खिलाड़ियों को देखता रहता।यहीं से उसके भीतर फुटबॉल के प्रति जुनून पैदा हुआ।

धीरे-धीरे उसने गेंद के साथ अभ्यास शुरू किया। पिता और उनके साथी खिलाड़ियों ने उसे शुरुआती प्रशिक्षण दिया। जल्द ही स्थानीय कोचों की नजर उसकी प्रतिभा पर पड़ी।कतर के प्रसिद्ध शेख फैसल बिन कासिम स्पोर्ट्स अकादमी में प्रशिक्षण के दौरान कोचों ने महसूस किया कि इस बच्चे में कुछ खास है।उसकी रफ्तार, गेंद पर नियंत्रण और आक्रमणकारी सोच उसे बाकी खिलाड़ियों से अलग बनाती थी।
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Aspire Academy ने बदली जिंदगी

तहसीन के करियर का सबसे महत्वपूर्ण मोड़ तब आया जब उसे कतर की विश्व प्रसिद्ध Aspire Academy में प्रवेश मिला।यह वही अकादमी है जिसने कतर की राष्ट्रीय टीम के कई सितारे तैयार किए हैं।यहां तहसीन ने आधुनिक फुटबॉल की बारीकियां सीखीं। फिटनेस, तकनीक, रणनीति और मानसिक मजबूती पर विशेष ध्यान दिया गया।परिवार के अनुसार, तहसीन का जीवन पूरी तरह फुटबॉल के इर्द-गिर्द घूमता था। स्कूल के बाद अभ्यास और अभ्यास के बाद फुटबॉल की चर्चा।उसका लक्ष्य साफ था—एक दिन कतर की राष्ट्रीय टीम के लिए खेलना।

अल-दुहैल क्लब से राष्ट्रीय टीम तक

तहसीन की प्रतिभा ने जल्द ही पेशेवर क्लबों का ध्यान आकर्षित किया।वर्ष 2017 में वह Al-Duhail SC की युवा टीम से जुड़े। बाद में उन्होंने क्लब की विभिन्न आयु वर्ग की टीमों में शानदार प्रदर्शन किया।2024 में उन्हें Qatar Stars League में पेशेवर पदार्पण का मौका मिला।

यह उनके करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक थी।कुछ ही महीनों बाद कतर की सीनियर राष्ट्रीय टीम के चयनकर्ताओं ने उन्हें राष्ट्रीय टीम के लिए बुलावा भेज दिया।सितंबर 2024 में तहसीन ने विश्व कप क्वालीफायर में अफगानिस्तान के खिलाफ कतर की ओर से पदार्पण किया।महज 17 वर्ष की उम्र में राष्ट्रीय टीम की जर्सी पहनना किसी भी खिलाड़ी के लिए बड़ी उपलब्धि होती है।

विश्व कप टीम में जगह बनाकर रचा इतिहास

अब तहसीन का चयन FIFA World Cup 2026 के लिए कतर की अंतिम 26 सदस्यीय टीम में हो चुका है।यह चयन कई कारणों से ऐतिहासिक माना जा रहा है।पहला, वह भारतीय मूल के पहले युवा खिलाड़ी हैं जिन्हें विश्व कप के लिए चुना गया है।

दूसरा, वह केरल से जुड़े पहले फुटबॉलर हैं जो विश्व फुटबॉल के सबसे बड़े मंच तक पहुंचे हैं।तीसरा, उनकी सफलता दुनिया भर में बसे भारतीय प्रवासी समुदाय के लिए प्रेरणा का स्रोत न गई है।

भारत और कतर के बीच पहचान का सवाल

तहसीन का जन्म दोहा में हुआ और उनकी पूरी फुटबॉल शिक्षा कतर में हुई।हालांकि उनके माता-पिता भारतीय हैं और उनके पास भारतीय मूल की पहचान भी है।फिलहाल उनके पास भारतीय पासपोर्ट है, लेकिन कतर के कानून के अनुसार आने वाले समय में उन्हें एक राष्ट्रीयता चुननी होगी।

परिवार का मानना है कि पेशेवर करियर को देखते हुए वह संभवतः कतर की नागरिकता को प्राथमिकता देंगे।फिर भी भारत से उनका भावनात्मक रिश्ता बना रहेगा।

केरल में जश्न का माहौल

तहसीन के विश्व कप टीम में चयन की खबर सामने आते ही केरल में खुशी की लहर दौड़ गई।सोशल मीडिया पर हजारों लोगों ने उन्हें बधाई दी।कन्नूर, कोझिकोड और मलाबार क्षेत्र के फुटबॉल प्रशंसकों ने इसे राज्य के लिए गौरव का क्षण बताया।

कई स्थानीय फुटबॉल क्लबों ने विशेष कार्यक्रम आयोजित कर तहसीन की उपलब्धि का स्वागत किया।फुटबॉल विशेषज्ञों का कहना है कि उनकी सफलता युवा भारतीय खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ा सोचने की प्रेरणा देगी।

कतर की उम्मीदों का नया सितारा

तहसीन मुख्य रूप से लेफ्ट विंगर के रूप में खेलते हैं, लेकिन जरूरत पड़ने पर राइट विंगर और फॉरवर्ड की भूमिका भी निभा सकते हैं।उनकी गति, ड्रिब्लिंग क्षमता और आक्रामक खेल शैली उन्हें कतर के सबसे प्रतिभाशाली युवा खिलाड़ियों में शामिल करती है।

विश्व कप में उनसे काफी उम्मीदें लगाई जा रही हैं।कतर अपने अभियान की शुरुआत 13 जून को स्विट्जरलैंड के खिलाफ करेगा। इसके बाद उसका मुकाबला कनाडा और बोस्निया-हर्जेगोविना से होगा।यदि तहसीन को मैदान पर उतरने का मौका मिलता है तो वह भारतीय मूल के खिलाड़ियों के लिए इतिहास का नया अध्याय लिखेंगे।
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भारतीय फुटबॉल के लिए उम्मीद की किरण

तहसीन मोहम्मद जमशेद की कहानी यह साबित करती है कि प्रतिभा किसी सीमा की मोहताज नहीं होती।एक छोटे बच्चे के रूप में डगआउट के किनारे बैठकर फुटबॉल देखने वाला लड़का आज FIFA World Cup के मंच तक पहुंच गया है।

यह कहानी सिर्फ एक खिलाड़ी की नहीं, बल्कि उन लाखों युवाओं की है जो बड़े सपने देखते हैं।विश्व कप में तहसीन की मौजूदगी भारतीय फुटबॉल प्रेमियों को यह विश्वास दिलाती है कि आने वाले वर्षों में शायद कोई खिलाड़ी भारत की जर्सी पहनकर भी इसी मंच पर दिखाई दे।

फिलहाल पूरा केरल, भारतीय प्रवासी समुदाय और फुटबॉल प्रेमी दुनिया की निगाहें उस युवा खिलाड़ी पर टिकी हैं, जिसने अपने पिता का अधूरा सपना पूरा कर दिया और भारतीय मूल के खिलाड़ियों के लिए एक नया इतिहास रच दिया।

FAQ (AEO/GEO Optimized)

Q. तहसीन मोहम्मद जमशेद कौन हैं?
तहसीन मोहम्मद जमशेद 19 वर्षीय भारतीय मूल के फुटबॉलर हैं, जो कतर की राष्ट्रीय फुटबॉल टीम के लिए खेलते हैं।

Q. तहसीन का संबंध भारत के किस राज्य से है?
उनके माता-पिता केरल के कन्नूर जिले से हैं।

Q. तहसीन किस क्लब के लिए खेलते हैं?
वह कतर के प्रमुख क्लब Al-Duhail SC से जुड़े हैं।

Q. FIFA World Cup 2026 में तहसीन किस देश का प्रतिनिधित्व करेंगे?
वह कतर की राष्ट्रीय फुटबॉल टीम का प्रतिनिधित्व करेंगे।

Q. तहसीन की उपलब्धि क्यों ऐतिहासिक मानी जा रही है?
क्योंकि वह FIFA World Cup टीम में शामिल होने वाले भारतीय मूल के पहले सक्रिय फुटबॉलरों में से एक हैं और केरल के लिए गर्व का विषय बने हैं।