ईरान का दावा: कुवैत और बहरीन पर हमले आत्मरक्षा में किए गए

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  [email protected] | Date 04-06-2026
Iran Claims: Attacks on Kuwait and Bahrain Were Carried Out in Self-Defense
Iran Claims: Attacks on Kuwait and Bahrain Were Carried Out in Self-Defense

 

तेहरान:

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने कुवैत और बहरीन पर हाल ही में किए गए हमलों को आत्मरक्षा की कार्रवाई बताया है। ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने कहा कि उनके देश ने उन ठिकानों को निशाना बनाया जहां से कथित तौर पर ईरान के खिलाफ सैन्य गतिविधियां संचालित की जा रही थीं।

बुधवार को ईरान ने कुवैत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की दिशा में ड्रोन हमले किए, जबकि बहरीन की ओर मिसाइलों और ड्रोन की बौछार की गई। इसके बाद क्षेत्र में सुरक्षा चिंताएं और बढ़ गईं। कुवैती अधिकारियों के अनुसार, ईरान ने एक ही दिन में लगभग 30 मिसाइलें और ड्रोन दागे, जिन्हें वायु रक्षा प्रणालियों ने रोकने का प्रयास किया।

हमलों के बाद विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक बयान जारी किया। उन्होंने कहा कि ईरानी सशस्त्र बलों ने उन स्थानों को निशाना बनाया, जहां से अमेरिका ने कथित रूप से युद्धविराम का उल्लंघन करते हुए ईरान के नागरिक बुनियादी ढांचे और समुद्री संपत्तियों पर हमले किए थे।

अराघची ने लिखा, “हमारे सैनिकों ने उन ठिकानों पर कार्रवाई की जहां से हमारे खिलाफ आक्रामक गतिविधियां संचालित की गईं। यह पूरी तरह आत्मरक्षा के दायरे में की गई कार्रवाई थी।”

उन्होंने अमेरिका पर निशाना साधते हुए कहा कि वाशिंगटन प्रतिबंधों और सैन्य दबाव के जरिए अपने राजनीतिक उद्देश्यों को हासिल नहीं कर पाया है और एक नया संघर्ष भी उसे वांछित परिणाम नहीं दिला सकेगा।

ईरान के सशस्त्र बलों ने भी एक अलग बयान जारी कर कहा कि यह कार्रवाई देश के बुनियादी ढांचे और नौसेना पर हुए हमलों के जवाब में की गई। सेना का दावा है कि हाल के दिनों में ईरानी हितों को निशाना बनाया गया था, जिसके बाद जवाबी कदम उठाना आवश्यक हो गया।

ईरान के विदेश मंत्रालय ने कुवैत और बहरीन पर भी अप्रत्यक्ष रूप से आरोप लगाया। मंत्रालय का कहना है कि इन दोनों देशों को भी हालात के लिए जिम्मेदारी स्वीकार करनी चाहिए, क्योंकि उन्होंने अपने क्षेत्रों का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ सैन्य अभियानों के लिए होने दिया।

हालांकि कुवैत ने ईरान के इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। कुवैती विदेश मंत्रालय ने एक आधिकारिक बयान जारी करते हुए कहा कि देश ने कभी भी अपनी भूमि का उपयोग किसी अन्य राष्ट्र के खिलाफ आक्रामक कार्रवाई के लिए नहीं होने दिया है।

बयान में कहा गया, “ईरान द्वारा लगाए गए आरोप पूरी तरह निराधार हैं। कुवैत हमेशा क्षेत्रीय स्थिरता और शांतिपूर्ण सहअस्तित्व का समर्थक रहा है तथा किसी भी देश के खिलाफ अपनी धरती के उपयोग की अनुमति नहीं देता।”

बहरीन की ओर से भी सुरक्षा एजेंसियों ने हाल के हमलों के बाद सतर्कता बढ़ा दी है। दोनों देशों ने अपनी वायु रक्षा प्रणालियों को सक्रिय रखते हुए नागरिकों से सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील की है।

विश्लेषकों का मानना है कि ईरान, अमेरिका, कुवैत और बहरीन के बीच बढ़ता तनाव पूरे खाड़ी क्षेत्र की स्थिरता के लिए गंभीर चुनौती बन सकता है। हाल के सप्ताहों में बढ़ी सैन्य गतिविधियों ने इस आशंका को और मजबूत कर दिया है कि यदि कूटनीतिक प्रयास सफल नहीं हुए तो क्षेत्र में तनाव और गहरा सकता है।

फिलहाल अंतरराष्ट्रीय समुदाय स्थिति पर करीबी नजर बनाए हुए है और सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील कर रहा है।