नई दिल्ली:
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर एक बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा है कि तेहरान परमाणु हथियार विकसित न करने पर सहमत हो गया है और यह दोनों देशों के बीच चल रही वार्ताओं की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धियों में से एक है।
न्यूयॉर्क पोस्ट के पॉडकास्ट ‘पॉड फोर्स वन’ को दिए एक साक्षात्कार में ट्रंप ने कहा कि अमेरिका की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि ईरान कभी भी परमाणु हथियार हासिल न कर सके। उन्होंने दावा किया कि इस मुद्दे पर ईरान ने सहमति जता दी है।
ट्रंप ने कहा, “हम ईरान को परमाणु हथियार प्राप्त करने की अनुमति नहीं दे सकते। ईरान पहले ही इस बात पर सहमत हो चुका है कि उसके पास परमाणु हथियार नहीं होंगे। यह समझौते की प्रमुख शर्तों में से एक थी और उन्होंने इसे स्वीकार कर लिया है।”
हालांकि अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह स्पष्ट नहीं किया कि ईरान ने किस औपचारिक प्रक्रिया या तंत्र के तहत यह प्रतिबद्धता व्यक्त की है। इस बीच व्हाइट हाउस के अधिकारियों का कहना है कि दोनों पक्षों के बीच चल रही वार्ताओं के तहत ईरान से परमाणु हथियार विकसित न करने की औपचारिक प्रतिबद्धता लिए जाने पर चर्चा हो रही है।
साक्षात्कार के दौरान ट्रंप ने ईरान की सैन्य और आर्थिक स्थिति पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि वर्तमान हालात में ईरान कई चुनौतियों का सामना कर रहा है। ट्रंप के अनुसार, ईरान की सैन्य क्षमताएं पहले की तुलना में कमजोर हुई हैं और उसकी अर्थव्यवस्था गंभीर दबाव में है।
उन्होंने दावा किया कि देश में महंगाई बहुत ऊंचे स्तर पर पहुंच चुकी है और आर्थिक संकट ने आम लोगों के जीवन को प्रभावित किया है। ट्रंप ने कहा कि ईरान इस समय अनेक आंतरिक समस्याओं से जूझ रहा है।
होर्मुज जलडमरूमध्य में जारी तनाव और संभावित नाकाबंदी के संबंध में पूछे जाने पर ट्रंप ने विश्वास जताया कि यह स्थिति लंबे समय तक नहीं चलेगी। उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि यह समस्या जल्द सुलझ जाएगी और क्षेत्र में स्थिरता लौटेगी।
ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका को क्षेत्र में अपने रणनीतिक और सैन्य उद्देश्यों को लेकर महत्वपूर्ण सफलता मिल रही है। हालांकि उन्होंने इन दावों के समर्थन में कोई विशेष विवरण साझा नहीं किया।
साक्षात्कार में ईरान के नए नेतृत्व का भी जिक्र हुआ। ट्रंप ने कहा कि ईरान के वर्तमान सर्वोच्च नेता Mojtaba Khamenei वार्ताओं की प्रक्रिया में शामिल हैं और उनके बारे में सकारात्मक बातें सुनने को मिल रही हैं।
उन्होंने कहा, “लोग कहते हैं कि वे इन समझौतों और वार्ताओं को मंजूरी दे रहे हैं। ऐसा प्रतीत होता है कि हमारे संबंधों में कुछ सकारात्मक संकेत मौजूद हैं।”
ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि भविष्य में उनकी मोजतबा खामेनेई से मुलाकात हो सकती है। हालांकि उन्होंने उन खबरों पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया जिनमें दावा किया गया था कि हालिया संघर्ष के दौरान मोजतबा खामेनेई घायल हुए थे।
विश्लेषकों का मानना है कि ट्रंप का यह बयान ऐसे समय में आया है जब ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच तनाव लगातार वैश्विक राजनीति का केंद्र बना हुआ है। हालांकि ईरान की ओर से ट्रंप के दावों पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
यदि परमाणु हथियारों को लेकर किसी औपचारिक समझौते की पुष्टि होती है, तो इसे पश्चिम एशिया की सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के लिए एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जाएगा।