नई दिल्ली
इज़राइली सेना ने यमन की राजधानी सना में एक बड़ा हमला किया है। गुरुवार, 28 अगस्त को सना के कई इलाकों में तेज़ विस्फोटों की आवाज़ें सुनी गईं, जिससे पूरे क्षेत्र में दहशत फैल गई।
इज़रायली डिफेंस फोर्स (IDF) ने हमले की पुष्टि करते हुए बताया कि उनके युद्धक विमानों ने यमन में बमबारी की है। हालांकि, सेना ने यह नहीं बताया कि हमला किस स्थान पर केंद्रित था।
अल जज़ीरा के स्थानीय संवाददाता के अनुसार, इज़राइली हमले का मुख्य निशाना अट्टान पर्वत था, जो सना के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के बीच स्थित एक महत्वपूर्ण पर्वतीय इलाका है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि इलाके में लगातार 10 से अधिक धमाके सुने गए।
हमले की पृष्ठभूमि
यमन के हूती विद्रोही, जो लंबे समय से इज़राइल के खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं, ने हाल ही में गाजा के लोगों के समर्थन में इज़राइली जहाजों को लाल सागर में प्रतिबंधित कर दिया था। इसके साथ ही वे अक्सर इज़राइल पर ड्रोन और मिसाइल हमले भी करते हैं।
गुरुवार को हूती समूह ने इज़राइल की ओर कम से कम दो ड्रोन भेजे। इज़राइली सेना ने दावा किया कि उन्होंने इन दोनों ड्रोन को उड़ान में ही नष्ट कर दिया।
इन्हीं घटनाओं के बाद कुछ ही घंटों में इज़राइल द्वारा यमन पर जवाबी हमला किया गया।
क्षेत्र में बढ़ा तनाव
इज़राइल और हूती विद्रोहियों के बीच लगातार बढ़ते तनाव के बीच यह हमला पश्चिम एशिया में संघर्ष को और गहरा कर सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि गाजा युद्ध की आग अब धीरे-धीरे अन्य देशों तक फैल रही है, और इससे क्षेत्रीय अस्थिरता और बढ़ सकती है।
यमन पहले ही सालों से गृहयुद्ध और मानवीय संकट से जूझ रहा है, और अब इस ताजा हमले ने वहां की स्थिति को और नाज़ुक बना दिया है।