टोक्यो (जापान)
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने टोक्यो में भारतीय समुदाय द्वारा गर्मजोशी से स्वागत किए जाने पर आभार व्यक्त किया और कहा कि उन्हें यहां आने पर मिली स्नेह और अपनापन देखकर वे "गहरे रूप से प्रभावित" हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने जापान में रहने वाले भारतीय समुदाय की जापानी समाज में योगदान की सराहना की और उनके सांस्कृतिक मूल्यों को बनाए रखने के प्रति उनकी प्रतिबद्धता की प्रशंसा की।
प्रधानमंत्री मोदी ने 'एक्स' पर कहा, "टोक्यो में भारतीय समुदाय की गर्मजोशी और स्नेह से गहरा प्रभावित हूं। हमारी सांस्कृतिक जड़ों को बनाए रखने के साथ-साथ जापानी समाज में सार्थक योगदान देना वास्तव में काबिले तारीफ है।"
प्रधानमंत्री मोदी शुक्रवार सुबह टोक्यो पहुंचे, जहां भारतीय और जापानी समुदाय के सदस्यों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ उनका स्वागत किया।
प्रधानमंत्री मोदी ने भारत-जापान के व्यापार और निवेश संबंधों को और मजबूत बनाने के लिए कुछ ही घंटों में व्यापारिक नेताओं के साथ बैठक करने की जानकारी दी।
उन्होंने कहा, "कुछ ही घंटों में मैं व्यापारिक नेताओं के समूह से मिलूंगा, जिसका मुख्य फोकस भारत-जापान के व्यापार और निवेश संबंधों में गति लाना होगा।"
प्रधानमंत्री मोदी के आगमन पर जापानी लोग राजस्थानी पोशाक में पारंपरिक लोकगीत से उनका स्वागत किया। एक अन्य समूह ने मोहिनीअट्टम, कथक, भरतनाट्यम और ओडिसी जैसी विभिन्न शास्त्रीय नृत्य प्रस्तुत किए।
एक जापानी कलाकार ने कहा, "प्रधानमंत्री मोदी के लिए प्रदर्शन करना एक बड़ा मौका था। मैंने मोहिनीअट्टम नृत्य किया, जो दक्षिण भारत का शास्त्रीय नृत्य है। मेरे पास 25 वर्षों से अधिक का अनुभव है। यह नृत्य आमतौर पर एकल नृत्य होता है, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी के लिए हमने इसे समूह प्रदर्शन बनाया।"
एक अन्य कथक कलाकार ने कहा, "प्रधानमंत्री मोदी के सामने प्रदर्शन करना हमारे लिए स्वर्ण पदक जैसा है।"
प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय प्रवासी समुदाय से भी बातचीत की, जिन्होंने "भारत माता की जय" के नारे लगाकर उनका स्वागत किया।
यह प्रधानमंत्री मोदी का करीब सात वर्षों में जापान की पहली एकल यात्रा है, जिसका उद्देश्य द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करना और जापान के साथ विशेष रणनीतिक एवं वैश्विक साझेदारी को बढ़ावा देना है।
यह यात्रा जापानी प्रधानमंत्री शिगेरु इशिबा के निमंत्रण पर हो रही है। इस शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी अपने जापानी समकक्ष के साथ गहन वार्ता करेंगे, कई क्षेत्रों में प्रगति की समीक्षा करेंगे और क्षेत्रीय तथा वैश्विक मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान करेंगे।
जापान यात्रा के बाद, वे 31 अगस्त से 1 सितंबर तक चीन के तियानजिन शहर में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए यात्रा करेंगे।