ओनिका माहेश्वरी/ नई दिल्ली
भारत और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के बीच मजबूत होते आर्थिक रिश्तों का असर अब बड़े निवेश और रोजगार के अवसरों के रूप में दिखाई देने लगा है। अबू धाबी में LuLu Group International के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर MA Yusuff Ali ने भारत में बड़े पैमाने पर निवेश योजनाओं का खुलासा करते हुए कहा कि भारत-यूएई CEPA (Comprehensive Economic Partnership Agreement) समझौते के बाद व्यापार और निवेश के लिए अभूतपूर्व संभावनाएं पैदा हुई हैं। CEPA समझौते और मोदी सरकार की नीतियों से एमए यूसुफ अली उत्साहित हैं। उन्होनें 25 हजार रोजगार सृजन का लक्ष्य भी निर्धरित किया है।
यूसुफ अली ने कहा कि CEPA समझौते के बाद बड़ी संख्या में व्यापारी, निर्यातक और आयातक यूएई को वैश्विक व्यापारिक हब के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं। उनके मुताबिक यह समझौता केवल दोनों देशों के व्यापारिक संबंधों को मजबूत नहीं कर रहा, बल्कि भारतीय उद्योगों, कृषि और खुदरा क्षेत्र को भी नई गति दे रहा है। उन्होंने कहा, “यह दोनों सरकारों की शानदार पहल है। CEPA के बाद कारोबार करने में आसानी बढ़ी है और भारत के व्यापारिक समुदाय को बड़ा फायदा हुआ है।”
— ANI (@ANI) May 15, 2026
यूसुफ अली ने प्रधानमंत्री Narendra Modi की आर्थिक नीतियों की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने प्रवासी भारतीयों (NRI) के निवेश को लेकर ऐतिहासिक बदलाव किए हैं। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में कानूनों में बड़े बदलाव किए गए। अब एनआरआई निवेश को घरेलू निवेश माना जाता है। यह बेहद सकारात्मक और दूरदर्शी कदम है। एक एनआरआई होने के नाते मैं भारत में निवेश करके बहुत खुश हूं।”
विशेषज्ञों का मानना है कि इस नीति ने विदेशी निवेशकों और प्रवासी भारतीय उद्यमियों का भरोसा भारत पर और मजबूत किया है। इससे भारत में रिटेल, इंफ्रास्ट्रक्चर, लॉजिस्टिक्स और खाद्य प्रसंस्करण जैसे क्षेत्रों में निवेश बढ़ा है।
अहमदाबाद में बनेगा भारत का सबसे बड़ा मॉल
यूसुफ अली ने भारत में लुलु ग्रुप की विस्तार योजनाओं का खुलासा करते हुए बताया कि कंपनी गुजरात के अहमदाबाद में भारत का सबसे बड़ा शॉपिंग मॉल बना रही है। उन्होंने कहा कि अहमदाबाद उनके लिए भावनात्मक रूप से खास शहर है क्योंकि उन्होंने वहीं से अपनी पढ़ाई पूरी की थी। इसके अलावा आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में भी एक बड़ा रिटेल और मॉल प्रोजेक्ट शुरू किया जा रहा है। कंपनी भारत के दो अन्य शहरों में भी बड़े निवेश की तैयारी कर रही है, जिनकी घोषणा जल्द की जाएगी।
लुलु ग्रुप पहले से ही भारत के कई बड़े शहरों में अपने विशाल मॉल और हाइपरमार्केट संचालित कर रहा है। कोच्चि, तिरुवनंतपुरम, बेंगलुरु, लखनऊ और हैदराबाद में बने LuLu Mall आधुनिक रिटेल और मनोरंजन के प्रमुख केंद्र बन चुके हैं।

कौन हैं एमए यूसुफ अली?
एमए यूसुफ अली का जन्म केरल के त्रिशूर जिले में एक साधारण परिवार में हुआ था। युवावस्था में वे अपने परिवार के व्यवसाय से जुड़ने के लिए यूएई पहुंचे। अपनी दूरदर्शिता, मेहनत और कारोबारी रणनीति के दम पर उन्होंने लुलु ग्रुप को दुनिया के सबसे बड़े रिटेल नेटवर्क में शामिल कर दिया। आज लुलु ग्रुप मध्य पूर्व, एशिया और भारत सहित कई देशों में सक्रिय है। कंपनी 250 से अधिक हाइपरमार्केट और सुपरमार्केट संचालित करती है। इसके अलावा समूह शॉपिंग मॉल, होटल, खाद्य प्रसंस्करण, लॉजिस्टिक्स, रियल एस्टेट और आईटी सेक्टर में भी तेजी से विस्तार कर रहा है।
यूसुफ अली को खाड़ी देशों में बसे भारतीय समुदाय के सबसे प्रभावशाली कारोबारियों में गिना जाता है। वे कई बार प्राकृतिक आपदाओं और सामाजिक संकटों के दौरान भारत की मदद के लिए आगे आए हैं।
भारत की अर्थव्यवस्था में बड़ा योगदान
LuLu Group International भारत की अर्थव्यवस्था में बहुआयामी योगदान दे रहा है। समूह संगठित रिटेल, लॉजिस्टिक्स, खाद्य प्रसंस्करण और इंफ्रास्ट्रक्चर के जरिए हजारों लोगों को रोजगार उपलब्ध करा रहा है। यूसुफ अली ने बताया कि वर्तमान में भारत में कंपनी के लगभग 18,000 कर्मचारी काम कर रहे हैं और इस वर्ष यह संख्या बढ़ाकर 25,000 करने का लक्ष्य रखा गया है।
विशेषज्ञों के अनुसार, अहमदाबाद जैसे नए मेगा प्रोजेक्ट अकेले ही हजारों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार पैदा कर सकते हैं। अनुमान है कि केवल अहमदाबाद के प्रस्तावित मॉल प्रोजेक्ट से करीब 12,000 तक नौकरियां उत्पन्न होंगी।
लुलु ग्रुप ने भारत में रिटेल, वेयरहाउसिंग और खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों के विस्तार के लिए करीब ₹10,000 करोड़ तक निवेश की प्रतिबद्धता जताई है। यह निवेश गुजरात, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों के टियर-2 और टियर-3 शहरों तक पहुंच सकता है।

भारतीय कृषि और निर्यात को मिल रहा बढ़ावा
लुलु ग्रुप भारतीय कृषि उत्पादों का दुनिया के सबसे बड़े खरीदारों में से एक है। मध्य पूर्व में इसके हाइपरमार्केट भारतीय चावल, मसाले, फल, सब्जियां और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों की बड़ी मांग पैदा करते हैं।
कंपनी भारत को अपने वैश्विक सोर्सिंग हब के रूप में विकसित कर रही है। आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और उत्तर प्रदेश में कई खरीद और फूड प्रोसेसिंग सेंटर स्थापित किए जा रहे हैं, जिससे स्थानीय किसानों और छोटे उत्पादकों को सीधा लाभ मिल रहा है।
ग्रेटर नोएडा और तेलंगाना में कंपनी आधुनिक खाद्य प्रसंस्करण और निर्यात इकाइयों पर भी काम कर रही है। इन परियोजनाओं का उद्देश्य भारतीय कृषि उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाना और किसानों की आय बढ़ाना है।
आधुनिक रिटेल और इंफ्रास्ट्रक्चर को नई दिशा
भारत में संगठित रिटेल तेजी से बढ़ रहा है और लुलु ग्रुप इस बदलाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। समूह विश्वस्तरीय शॉपिंग मॉल, हाइपरमार्केट और एक्सप्रेस स्टोर के जरिए उपभोक्ताओं को आधुनिक खरीदारी अनुभव उपलब्ध करा रहा है।
इसके अलावा कंपनी कमर्शियल रियल एस्टेट और आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर में भी भारी निवेश कर रही है। कोच्चि में बना “लुलु आईटी ट्विन टावर्स” दक्षिण भारत के प्रमुख कमर्शियल प्रोजेक्ट्स में गिना जाता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के निवेश से स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलती है और आईटी, हॉस्पिटैलिटी, लॉजिस्टिक्स और सर्विस सेक्टर में रोजगार बढ़ता है।
सामाजिक कार्यों में भी आगे
लुलु ग्रुप केवल कारोबार तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय भूमिका निभाता है। समूह अपनी CSR और ESG पहलों के तहत स्वास्थ्य, शिक्षा, खाद्य सुरक्षा और आपदा राहत से जुड़े कई कार्यक्रम चलाता है।
कंपनी नियमित रूप से स्वास्थ्य शिविर, जागरूकता अभियान और सामुदायिक कार्यक्रम आयोजित करती है। “वॉक फॉर वेलनेस” जैसे कार्यक्रम मधुमेह और हृदय रोगों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए चलाए जाते हैं।
शिक्षा के क्षेत्र में भी समूह कई संस्थाओं के साथ मिलकर काम करता है। दुबई के “Dubai Cares” जैसे संगठनों के साथ साझेदारी कर जरूरतमंद बच्चों की शिक्षा में सहायता दी जाती है।
भारत में भी यूसुफ अली सामाजिक कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं। हाल ही में उन्होंने केरल में दिव्यांग बच्चों के संस्थानों को करोड़ों रुपये की सहायता देने का ऐलान किया था। इसके अलावा रमजान और अन्य अवसरों पर जरूरतमंद परिवारों को खाद्य सहायता और राहत सामग्री भी उपलब्ध कराई जाती है।
भारत-यूएई संबंधों को नई मजबूती
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत और यूएई के बीच मजबूत होते आर्थिक संबंध आने वाले वर्षों में दोनों देशों के लिए बड़े अवसर पैदा करेंगे। CEPA समझौता, एनआरआई निवेश नीतियां और बड़े कारोबारी समूहों की सक्रियता भारत को वैश्विक निवेश केंद्र के रूप में स्थापित करने में मदद कर रही है।
लुलु ग्रुप जैसे अंतरराष्ट्रीय निवेशकों का भारत में बढ़ता भरोसा इस बात का संकेत है कि देश का रिटेल, कृषि और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर तेजी से वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बन रहा है।