तैरना सीखेंगी एएमयू की छात्राएं , बढ़ेगा आत्मविश्वास

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  [email protected] | Date 16-05-2026
AMU Students Will Learn to Swim; Confidence to Rise
AMU Students Will Learn to Swim; Confidence to Rise

 

आवाज द वाॅयस /नई दिल्ली

Aligarh Muslim University में महिला शिक्षा और खेलों को बढ़ावा देने की दिशा में एक अहम कदम उठाया गया है। विश्वविद्यालय के वीमेंस कॉलेज में लंबे समय बाद स्विमिंग गतिविधियों की औपचारिक शुरुआत कर दी गई। इस मौके पर विश्वविद्यालय की कुलपति Naima Khatoon ने स्विमिंग पूल का उद्घाटन किया और इसे छात्राओं के आत्मविश्वास, आत्मनिर्भरता और महिला सशक्तिकरण से जुड़ा बड़ा कदम बताया।

कार्यक्रम के दौरान माहौल उत्साह से भरा हुआ था। छात्राओं में खासा उत्साह दिखाई दिया। कई छात्राएं पहली बार ओलंपिक आकार के इस स्विमिंग पूल को सक्रिय रूप में देखकर बेहद खुश नजर आईं।

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कुलपति प्रो. नईमा खातून ने कहा कि तैराकी सिर्फ एक खेल नहीं बल्कि जीवन के लिए जरूरी कौशल भी है। उन्होंने कहा कि स्विमिंग सीखने से आत्मविश्वास बढ़ता है और यही आत्मविश्वास जिंदगी के हर क्षेत्र में काम आता है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय ने छात्राओं को सुरक्षित माहौल में अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधा देने की कोशिश की है।

उन्होंने इस मौके पर Sheikh Abdullah को भी याद किया। उन्होंने कहा कि पापा मियां का सपना था कि एएमयू की लड़कियां भी दुनिया की दूसरी छात्राओं की तरह तैराकी सीखें। वह चाहते थे कि लड़कियों को आधुनिक शिक्षा के साथ खेल और फिटनेस की सुविधाएं भी मिलें। प्रो. नईमा ने कहा कि आज स्विमिंग गतिविधियों की शुरुआत के साथ उनका सपना सच होता दिखाई दे रहा है।

उन्होंने कहा कि तैराकी शरीर और दिमाग दोनों के लिए फायदेमंद है। इससे तनाव कम होता है। मानसिक दबाव घटता है। पढ़ाई में एकाग्रता बढ़ती है और शरीर फिट रहता है। उन्होंने शिक्षकों और छात्राओं से अपील की कि वे इस सुविधा का अधिक से अधिक लाभ उठाएं।

कार्यक्रम में मौजूद विश्वविद्यालय के प्रो वाइस चांसलर Mohd Mohsin Khan ने कहा कि स्विमिंग एक अहम खेल होने के साथ जीवन रक्षक कला भी है। उन्होंने कहा कि आज के दौर में तैरना सीखना बहुत जरूरी है। इससे शारीरिक फिटनेस के साथ मानसिक मजबूती भी आती है। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन और वीमेंस कॉलेज की टीम की सराहना की जिन्होंने लड़कियों के लिए इस सुविधा को फिर से शुरू कराया।

मुख्य अतिथि प्रतिक्षा सिंह जादौन ने भी इस पहल की तारीफ की। उन्होंने कहा कि खेल और फिटनेस से जुड़ी गतिविधियां युवा छात्राओं में अनुशासन और आत्मविश्वास पैदा करती हैं। उन्होंने कहा कि तैराकी जैसी गतिविधियां लड़कियों को मानसिक रूप से मजबूत बनाती हैं और स्वस्थ जीवन शैली अपनाने के लिए प्रेरित करती हैं।

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वीमेंस कॉलेज के प्रिंसिपल Masood Anwar Alavi ने कुलपति का धन्यवाद किया और कहा कि स्विमिंग केवल खेल नहीं बल्कि व्यक्तित्व निर्माण का माध्यम भी है। उन्होंने कहा कि इससे अनुशासन, धैर्य और लगातार मेहनत करने की आदत विकसित होती है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में एएमयू की छात्राएं राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विश्वविद्यालय का नाम रोशन करेंगी।

विश्वविद्यालय गेम्स कमेटी के सचिव Yusuf uz Zaman Khan ने जानकारी दी कि यह स्विमिंग पूल ओलंपिक मानकों के अनुसार तैयार किया गया है। इसकी लंबाई 50 मीटर और चौड़ाई 25 मीटर है। छात्राओं की सुरक्षा और प्रशिक्षण के लिए दो महिला कोच और दो लाइफगार्ड भी नियुक्त किए गए हैं।

कार्यक्रम में यूनिवर्सिटी स्विमिंग क्लब के अध्यक्ष Fazal ur Rehman ने विश्वविद्यालय के बिल्डिंग विभाग और लैंड एंड गार्डन विभाग का आभार जताया। उन्होंने कहा कि इन विभागों के सहयोग से यह सुविधा दोबारा पूरी तरह तैयार हो सकी।

इस मौके पर विश्वविद्यालय के कई वरिष्ठ अधिकारी और शिक्षक मौजूद रहे। इनमें रजिस्ट्रार Mohammad Aasim Zafar, प्रॉक्टर Mohammad Naved Khan, अब्दुल्ला हॉल की प्रोवोस्ट Sheeba Jilani, जनसंपर्क कार्यालय की प्रभारी Vibha Sharma, यूनिवर्सिटी लाइब्रेरियन Nishat Fatima और अन्य शिक्षक शामिल थे।

कार्यक्रम के दौरान छात्राओं सुमैया, जावेरिया और ज़ायना ने तैराकी का प्रदर्शन भी किया। तीनों छात्राओं के प्रदर्शन को देखकर मौजूद लोगों ने तालियां बजाकर उनका उत्साह बढ़ाया। छात्राओं का आत्मविश्वास साफ दिखाई दे रहा था।

कार्यक्रम का संचालन अमीना बेग ने किया जबकि धन्यवाद ज्ञापन डॉ. नाजिया खान ने पेश किया।

एएमयू लंबे समय से शिक्षा के साथ खेल और सांस्कृतिक गतिविधियों को भी बढ़ावा देता रहा है। लेकिन महिला खेल सुविधाओं को लेकर अक्सर चर्चा होती रही है। ऐसे में वीमेंस कॉलेज में स्विमिंग गतिविधियों की शुरुआत को छात्राओं के लिए एक सकारात्मक बदलाव माना जा रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि आज के समय में लड़कियों के लिए खेल सुविधाएं केवल मनोरंजन का साधन नहीं हैं बल्कि आत्मरक्षा, फिटनेस और आत्मविश्वास का आधार भी बन चुकी हैं। खासकर स्विमिंग जैसी गतिविधियां महिलाओं को मानसिक और शारीरिक रूप से मजबूत बनाती हैं।

एएमयू की इस पहल को इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि यह केवल खेल सुविधा नहीं बल्कि सामाजिक सोच में बदलाव का संकेत भी है। जिस सपने को कभी पापा मियां ने देखा था, वह आज नई पीढ़ी की छात्राओं के सामने हकीकत बनकर खड़ा है।

अब देखना यह होगा कि आने वाले वर्षों में एएमयू की यह नई शुरुआत कितनी छात्राओं को खेलों की दुनिया में नई पहचान दिला पाती है। फिलहाल इतना तय है कि वीमेंस कॉलेज का यह स्विमिंग पूल अब सिर्फ पानी का तालाब नहीं बल्कि नई उम्मीदों और नए सपनों का केंद्र बन चुका है।