BRICS Summit : अनवर इब्राहिम और ग्रैंड मुफ्ती की मुलाकात क्यों है खास

Story by  मलिक असगर हाशमी | Published by  [email protected] | Date 13-09-2026
BRICS Summit: Why the meeting between Anwar Ibrahim and the Grand Mufti is significant.
BRICS Summit: Why the meeting between Anwar Ibrahim and the Grand Mufti is significant.

 

नई दिल्ली

मलेशिया के प्रधानमंत्री दातो सेरी अनवर इब्राहिम भारत पहुंच गए हैं। उनकी भारत यात्रा ऐसे समय हो रही है जब नई दिल्ली में 18वां BRICS Leaders’ Summit आयोजित किया जा रहा है। अनवर इब्राहिम BRICS सम्मेलन में हिस्सा लेने के साथ भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कई अन्य देशों के नेताओं के साथ द्विपक्षीय बातचीत भी करेंगे। उनकी यात्रा का एक खास पहलू केरल से जुड़ा है, जहां उनकी मुलाकात भारत के ग्रैंड मुफ्ती शेख अबूबकर अहमद से होने वाली है। इस मुलाकात में सामुदायिक विकास, शिक्षा और धार्मिक मामलों पर विचारों का आदान प्रदान होने की उम्मीद है।

मलेशियाई प्रधानमंत्री ने अपनी भारत यात्रा की जानकारी सोशल मीडिया के जरिए साझा की है। उन्होंने बताया कि वह मलेशियाई प्रतिनिधिमंडल के साथ नई दिल्ली के लिए रवाना हुए हैं। उनके कार्यक्रम में BRICS Leaders’ Summit में भाग लेना शामिल है।

इसके अलावा भारत और मलेशिया के बीच कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर बातचीत भी प्रस्तावित है। अनवर इब्राहिम के अनुसार, भारत यात्रा के दौरान उनकी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा रूस, ईरान और कजाकिस्तान के राष्ट्राध्यक्षों तथा इथियोपिया के प्रधानमंत्री के साथ भी द्विपक्षीय बैठकें निर्धारित हैं।

इस यात्रा में केरल का कार्यक्रम विशेष महत्व रखता है। अनवर इब्राहिम ने बताया कि वह केरल में भारत के ग्रैंड मुफ्ती से मुलाकात करेंगे। इस दौरान सामुदायिक विकास, शिक्षा और धार्मिक मामलों से जुड़े विषयों पर विचार साझा किए जाएंगे। इस घोषणा के बाद केरल में इस मुलाकात को लेकर विशेष रुचि देखी जा रही है। खासकर शिक्षा और सामाजिक विकास के क्षेत्र में भारत और मलेशिया के बीच सहयोग की संभावनाओं को लेकर ध्यान बढ़ा है।

भारत के ग्रैंड मुफ्ती शेख अबूबकर अहमद ने भी मलेशियाई प्रधानमंत्री का गर्मजोशी से स्वागत किया है। उन्होंने भारत आने पर अनवर इब्राहिम और मलेशियाई प्रतिनिधिमंडल के लिए शुभकामनाएं व्यक्त कीं।

उन्होंने कहा कि जामिया मरकज को अनवर इब्राहिम के कार्यक्रम में शामिल किया जाना खुशी और सम्मान की बात है। उनके अनुसार, शिक्षा, सामुदायिक विकास और धार्मिक मामलों पर विचारों का आदान प्रदान भारत और मलेशिया के बीच व्यापक संबंधों को और मजबूत कर सकता है।

शेख अबूबकर अहमद ने अपनी पोस्ट में जामिया मरकज को भारत के प्रमुख इस्लामी संस्थानों में से एक बताया। उन्होंने उम्मीद जताई कि मलेशियाई प्रधानमंत्री की भारत यात्रा से उच्च शिक्षा, सामाजिक सशक्तीकरण और सांस्कृतिक संपर्क के क्षेत्र में नए रास्ते खुल सकते हैं। उन्होंने विशेष रूप से भारत और मलेशिया के बीच केरल के माध्यम से मजबूत संबंधों की संभावना पर जोर दिया।

अनवर इब्राहिम की भारत यात्रा केवल BRICS Summit तक सीमित नहीं है। उनके कार्यक्रम में कई स्तरों पर कूटनीतिक बातचीत शामिल है। BRICS के मंच पर उनकी मौजूदगी इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि मलेशिया के लिए उभरती वैश्विक अर्थव्यवस्था, विकासशील देशों के सहयोग और बहुपक्षीय मंचों की भूमिका लगातार महत्वपूर्ण होती जा रही है। भारत की मेजबानी में होने वाले BRICS Leaders’ Summit में विभिन्न देशों के नेता वैश्विक अर्थव्यवस्था, व्यापार, विकास और अंतरराष्ट्रीय सहयोग से जुड़े मुद्दों पर चर्चा कर रहे हैं।

अनवर इब्राहिम की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ प्रस्तावित बैठक भी भारत मलेशिया संबंधों के लिहाज से अहम मानी जा रही है। दोनों देशों के बीच व्यापार, शिक्षा, संस्कृति, निवेश और लोगों के बीच संपर्क जैसे कई क्षेत्र पहले से सहयोग के केंद्र में रहे हैं। ऐसे में शीर्ष नेतृत्व की बातचीत से द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने के नए अवसर तलाशे जा सकते हैं।

इस पूरी यात्रा में शिक्षा का मुद्दा खास तौर पर सामने आया है। भारत और मलेशिया दोनों ही उच्च शिक्षा और कौशल विकास के क्षेत्र में सहयोग की संभावनाएं रखते हैं। केरल की शिक्षा व्यवस्था, प्रवासी समुदाय और मलेशिया के साथ उसके पुराने सामाजिक संबंध इस संवाद को और खास बनाते हैं।

अनवर इब्राहिम की ग्रैंड मुफ्ती के साथ प्रस्तावित बातचीत में यदि शिक्षा और सामुदायिक विकास पर ठोस चर्चा होती है, तो इसका असर भविष्य में संस्थागत सहयोग पर भी पड़ सकता है।

केरल और मलेशिया के बीच सामाजिक और सांस्कृतिक संपर्क भी पुराना है। बड़ी संख्या में केरल के लोग मलेशिया सहित दक्षिण पूर्व एशिया के देशों से जुड़े रहे हैं। इस कारण दोनों क्षेत्रों के बीच लोगों के स्तर पर भी संपर्क मजबूत रहा है। यही वजह है कि अनवर इब्राहिम का केरल दौरा केवल एक औपचारिक कार्यक्रम के रूप में नहीं देखा जा रहा है। यह भारत मलेशिया के बीच सामाजिक और सांस्कृतिक संपर्क को समझने का एक अवसर भी बन सकता है।

शेख अबूबकर अहमद ने अपने संदेश में कहा कि अनवर इब्राहिम की भारत यात्रा दोनों देशों के बीच उच्च शिक्षा, सामाजिक सशक्तीकरण और सांस्कृतिक संपर्क के नए रास्ते खोल सकती है।

उन्होंने खास तौर पर केरल के साथ संबंधों को मजबूत करने की उम्मीद जताई। यह बयान इस बात की ओर संकेत करता है कि प्रस्तावित मुलाकात का फोकस केवल धार्मिक मामलों तक सीमित नहीं रहेगा। सामुदायिक विकास और शिक्षा जैसे व्यापक विषय भी बातचीत का हिस्सा हो सकते हैं।

मलेशियाई प्रधानमंत्री की यात्रा का अगला पड़ाव मालदीव भी है। अनवर इब्राहिम ने बताया कि भारत में अपनी कूटनीतिक गतिविधियां पूरी करने के बाद वह मालदीव की राजधानी माले जाएंगे। वहां उनका आधिकारिक दौरा प्रस्तावित है। यह यात्रा मालदीव के राष्ट्रपति डॉ. मोहम्मद मुइज्जू के निमंत्रण पर हो रही है। इस तरह अनवर इब्राहिम का मौजूदा दौरा भारत और मालदीव दोनों के साथ मलेशिया के संबंधों को लेकर महत्वपूर्ण है।

भारत में BRICS Summit के दौरान अनवर इब्राहिम की मौजूदगी और केरल में ग्रैंड मुफ्ती से उनकी प्रस्तावित मुलाकात को अलग अलग स्तरों पर देखा जा सकता है। एक तरफ यह यात्रा वैश्विक कूटनीति और BRICS के बड़े मंच से जुड़ी है। दूसरी तरफ इसमें शिक्षा, धार्मिक संवाद, सामुदायिक विकास और सांस्कृतिक संपर्क जैसे विषय भी शामिल हैं। यही मिश्रण इस यात्रा को खास बनाता है।

विशेष रूप से ग्रैंड मुफ्ती शेख अबूबकर अहमद और अनवर इब्राहिम की मुलाकात पर नजर रहेगी। दोनों पक्षों ने पहले ही शिक्षा, सामुदायिक विकास और धार्मिक मामलों पर विचारों के आदान प्रदान की बात कही है। यदि बातचीत में इन क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर ठोस चर्चा होती है, तो भारत और मलेशिया के बीच गैर सरकारी और सामाजिक स्तर के संबंधों को भी नई दिशा मिल सकती है।

अनवर इब्राहिम का भारत दौरा ऐसे समय हो रहा है जब BRICS का दायरा और प्रभाव अंतरराष्ट्रीय राजनीति में लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है। भारत की राजधानी में दुनिया के कई महत्वपूर्ण देशों के नेताओं की मौजूदगी इस सम्मेलन को खास बना रही है। इसी बीच मलेशियाई प्रधानमंत्री का केरल जाना और भारत के ग्रैंड मुफ्ती से मुलाकात करना इस दौरे में एक अलग सामाजिक और सांस्कृतिक आयाम जोड़ रहा है।

कुल मिलाकर, मलेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम की भारत यात्रा के तीन प्रमुख पहलू सामने आते हैं। पहला BRICS Leaders’ Summit में उनकी भागीदारी। दूसरा भारत के शीर्ष नेतृत्व के साथ द्विपक्षीय बातचीत।

तीसरा केरल में ग्रैंड मुफ्ती शेख अबूबकर अहमद के साथ प्रस्तावित संवाद। इन तीनों के जरिए भारत और मलेशिया के राजनीतिक, आर्थिक, शैक्षिक और सांस्कृतिक संबंधों को आगे बढ़ाने की संभावनाएं दिखाई देती हैं। अब सबकी नजर इस बात पर है कि नई दिल्ली और केरल में होने वाली इन मुलाकातों से दोनों देशों के रिश्तों के लिए कौन से नए रास्ते सामने आते हैं।