कश्मीर में गूंजेगा 'गणपति बाप्पा मोरया', पुणे से रवाना हुईं मूर्तियां

Story by  एटीवी | Published by  [email protected] | Date 13-09-2026
Amidst threats from terrorists, 'Ganpati Bappa Morya' will echo in Kashmir; idols have departed from Pune.
Amidst threats from terrorists, 'Ganpati Bappa Morya' will echo in Kashmir; idols have departed from Pune.

 

अल्फिया शेख/ पुणे

इस साल के गणेशोत्सव में कश्मीर घाटी में 'गणपति बाप्पा मोरया' का जयघोष ज़ोर-शोर से गूंजने वाला है। पुणे के तीन प्रमुख (मानाचे) गणपति मंडलों की प्रतिकृतियां जम्मू-कश्मीर पहुंच रही हैं। दहशतगर्द तंज़ीमों की कथित धमकियों और सुरक्षा चुनौतियों की परवाह किए बिना इस साल कश्मीर के चार से पांच ज़िलों में सार्वजनिक गणेशोत्सव बड़े उत्साह के साथ मनाया जाएगा।
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लगातार 5वें साल कश्मीर में मनेगा जश्न

श्रीमंत भाऊसाहेब रंगारी गणपति ट्रस्ट और पुणे के दूसरे अहम मंडलों की पहल से कश्मीर घाटी में लगातार पांचवें साल यह गणेशोत्सव बहुत ही शानदार तरीके से मनाया जा रहा है। इसी सिलसिले में ट्रस्ट के मंदिर में एक खास कार्यक्रम का आयोजन किया गया था।

इस मौके पर पुणे के 'कस्बा गणपति', 'तांबड़ी जोगेश्वरी' और 'गुरुजी तालीम गणपति' की मूर्तियां कश्मीर से आए गणेश मंडलों के नुमाइंदों को सौंपी गईं। इन मूर्तियों की पूरे विधि-विधान से पूजा करने के बाद इन्हें घाटी के लिए रवाना कर दिया गया।

ये मूर्तियां कश्मीर के नुमाइंदों मोहित भान, ऋषभ चाकू, शिशांत चाकू, संदीप रैना, संजीव रैना, हितेश रैना और संदीप कौल को सौंपी गईं। इस मौके पर पुणे की तरफ से अलंकार पुलिस स्टेशन के सीनियर पीआई उल्हास कदम, गुरुजी तालीम मंडल के प्रवीण परदेशी, विकास पवार, प्रशांत टिकर और सूरज थोरात जैसे अहम लोग भी मौजूद रहे।
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अनंतनाग में बनेगा भव्य गणेश मंदिर

श्रीमंत भाऊसाहेब रंगारी गणपति ट्रस्ट के ट्रस्टी पुनीत बालनने बताया कि इस बार अनंतनाग में एक प्रस्तावित गणेश मंदिर के लिए भाऊसाहेब रंगारी गणपति की छह फुट ऊंची मूर्ति भी भेजी जा रही है। यह मंदिर 2500 वर्ग फुट के प्लॉट पर बनाए जाने का प्लान है।

वादी में इस त्योहार को दोबारा शुरू करने के सफर पर बात करते हुए बालन ने बताया कि उनके कश्मीरी दोस्तों ने उन्हें घाटी में गणेशोत्सव के पुराने इतिहास और फिर इसके बंद होने के बारे में बताया था।

इसके बाद ही उन्होंने साल 2022 में इस जश्न को दोबारा शुरू करने में मदद करने का फैसला किया। इस साल श्रीनगर में यह त्योहार डेढ़ दिन के लिए मनाया जाएगा, जबकि अनंतनाग और कुपवाड़ा में पांच दिनों तक बाप्पा की पूजा होगी।
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धमकियों के आगे पस्त नहीं हुआ हौसला

सबसे अहम बात यह है कि इस उत्सव को मनाने वाले आयोजकों को दहशतगर्दों की तरफ से जान से मारने की धमकियां भी मिली थीं। बालन ने आयोजकों के जज़्बे की तारीफ करते हुए कहा कि धमकियों के बावजूद अपनी जान की परवाह किए बिना मुकामी लोगों ने जो हौसला दिखाया है, वह सच में काबिले-तारीफ है। पुणे के मंडलों का मकसद कश्मीर में गणेशोत्सव की रिवायत को मज़बूत करना और घाटी के साथ सांस्कृतिक रिश्ते को बढ़ावा देना है।