आवाज द वाॅयस/कोलकाता
कोलकाता के बागुईहाटी इलाके में स्थित एक्जीक्यूटिव पैलेस अपार्टमेंट में इस बार गणेश चतुर्थी का जश्न बिल्कुल अलग अंदाज में मनाया जा रहा है। यहाँ का माहौल सिर्फ धार्मिक अनुष्ठानों तक सीमित नहीं है बल्कि बंगाल के राजनीतिक और सामाजिक भविष्य पर एक बड़ी चर्चा का केंद्र बन गया है। इस साल इस रेजिडेंशियल कॉम्प्लेक्स ने गणेशोत्सव के लिए एक बहुत ही खास थीम चुनी है जिसका नाम है परिवर्तन डबल इंजन सरकार के साथ विकसित बंगाल की ओर।
इस थीम के जरिए आयोजकों ने भगवान गणेश के चरणों में बंगाल की मौजूदा स्थिति और भविष्य की उम्मीदों का एक बहुत ही शानदार खाका पेश किया है।रविवार को जब इस भव्य पंडाल का उद्घाटन हुआ तो वहाँ का नजारा देखने लायक था।
इस खास मौके पर पश्चिम बंगाल सरकार के कृषि विपणन राज्य मंत्री दिलीप घोष मुख्य अतिथि के तौर पर मौजूद रहे। उनके अलावा विधायक तरुणज्योति तिवारी, विधायक जितेंद्र कुमार तिवारी और जाने-माने प्रोड्यूसर अमित अग्रवाल समेत कई नामचीन हस्तियों ने अपनी मौजूदगी से इस कार्यक्रम की रौनक बढ़ाई।
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पंडाल के उद्घाटन के बाद से ही यहाँ लोगों के आने का तांता लगा हुआ है। दूर-दूर से लोग इस अनोखी थीम को देखने और बप्पा का आशीर्वाद लेने पहुँच रहे हैं।इस पूरे आयोजन का सबसे बड़ा आकर्षण मशहूर कलाकार मिंटू पाल द्वारा तैयार किया गया कलात्मक सेटअप है।
मिंटू पाल ने अपनी कला का हुनर दिखाते हुए एक ऐसा शाही माहौल तैयार किया है जिसके केंद्र में भगवान गणेश की 11 फीट ऊंची बेहद भव्य प्रतिमा विराजमान है। खास बात यह है कि इस प्रतिमा में बप्पा ने सफेद कुर्ता और नारंगी पगड़ी पहन रखी है।
बप्पा का यह रूप ज्ञान, जिम्मेदारी, दूरदर्शी नेतृत्व और सुशासन का संदेश दे रहा है। पंडाल में प्रवेश करते ही एक अलग ही तरह की सकारात्मक ऊर्जा महसूस होती है। पंडाल के भीतर बनाया गया 10 फीट गुणा 10 फीट का 3 डी वॉल इंस्टॉलेशन इस साल सबसे ज्यादा चर्चा का विषय बना हुआ है।
इस 3डी वॉल के जरिए बंगाल के राजनीतिक और सामाजिक सफर को बहुत ही तीखे और बेबाक अंदाज में दिखाया गया है। इसमें एक तरफ चार मई से पहले की स्थिति को दर्शाया गया है तो दूसरी तरफ चार मई के बाद आए बदलावों को बहुत खूबसूरती से उकेरा गया है। आयोजकों का मकसद इसके जरिए यह जताना है कि एक मजबूत और डबल इंजन सरकार किस तरह से सूबे की तस्वीर बदल सकती है।
चार मई से पहले के दौर को दर्शाने वाले हिस्से में उन तमाम मुद्दों को जगह दी गई है जिन्होंने हाल के दिनों में पूरे बंगाल की राजनीति और समाज को झकझोर कर रख दिया था। इसमें सबसे पहले फुटबॉल के जादूगर लियोनेल मेसी के कोलकाता दौरे के दौरान मची अफरातफरी की यादों को ताजा किया गया है।
इसके अलावा आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल की उस दुखद घटना के बाद अभया के लिए न्याय की मांग को लेकर पूरे राज्य में चले लंबे विरोध प्रदर्शनों को भी इसमें शामिल किया गया है।

इतना ही नहीं, बांग्लादेश सीमा पर बाड़ लगाने के काम को लेकर सत्ता पक्ष और केंद्र सरकार के बीच हुई राजनीतिक खींचतान को भी इस 3डी मॉडल में दिखाया गया है। इसके साथ ही सीमावर्ती इलाकों में मवेशियों की अवैध तस्करी जैसे संवेदनशील मुद्दों को भी इसमें जगह दी गई है।
दूसरी तरफ चार मई के बाद के दौर को बदलाव और विकास की नई सुबह के रूप में पेश किया गया है। इस हिस्से में उन उम्मीदों और परियोजनाओं को दिखाया गया है जिन्हें लेकर आम लोग काफी उत्साहित हैं।
इसमें नई दिल्ली और न्यू जलपाईगुड़ी के बीच बुलेट ट्रेन के शुरू होने की संभावनाओं को प्रमुखता से दर्शाया गया है। इसके अलावा राज्य में आने वाली नई औद्योगिक क्रांति और नए उद्योगों के लगने की शुरुआत को भी इसमें रेखांकित किया गया है। इतना ही नहीं, शहरों और कस्बों में अवैध निर्माणों के खिलाफ बुलडोजर कार्रवाई के जरिए प्रशासन की सख्ती को भी विकास के एक नए कदम के तौर पर दिखाया गया है।
Kolkata:
— News Arena India (@NewsArenaIndia) September 14, 2026
Ganesh Puja pandal in Baguihati showcases Bengal’s ‘Parivartan’ through political-themed tableau. pic.twitter.com/Hqt1sbZLAn
इस पूरी 3डी प्रस्तुति के माध्यम से एक्जीक्यूटिव पैलेस अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन ने एक ऐसे बंगाल का विजन सामने रखा है जो भ्रष्टाचार से मुक्त हो, तेजी से आगे बढ़े, जहाँ उद्योग धंधे पनपें और युवाओं के लिए रोजगार के ढेरों मौके हों।
आयोजकों का साफ कहना है कि उनका यह प्रयास किसी राजनीतिक दल का प्रचार नहीं है बल्कि एक आम नागरिक की उस सोच का इजहार है जो बंगाल को देश के सबसे विकसित राज्यों की कतार में देखना चाहता है।
इस पूरे आयोजन के पीछे एक्जीक्यूटिव पैलेस अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन के सचिव अंकित अग्रवाल और उनकी पूरी टीम की कड़ी मेहनत है। इस मौके पर बात करते हुए अंकित अग्रवाल ने बहुत ही स्पष्ट शब्दों में कहा कि हमारी इस थीम का मुख्य उद्देश्य चुनौतियों से भरे दौर से निकलकर संभावनाओं की एक नई दुनिया तक पहुँचने के सफर को दिखाना है।
उन्होंने आगे कहा कि हम एक ऐसा बंगाल चाहते हैं जो पूरी तरह से सुरक्षित हो, जहाँ लोग सिर उठाकर जी सकें और हर किसी के पास आगे बढ़ने के समान अवसर हों। उन्होंने बताया कि हमारी यह 3डी वॉल असल में उस बंगाल के बीच का फर्क बताती है जिसे हमने अब तक भोगा है और उस बंगाल की तस्वीर खींचती है जिसे हम आने वाली पीढ़ी को सौंपना चाहते हैं।
अंकित अग्रवाल ने जोर देकर कहा कि हमारे लिए परिवर्तन का मतलब सिर्फ सत्ता या चेहरों का बदलना नहीं है। इसका सीधा मतलब सोच में बदलाव, दिशा में बदलाव और तरक्की के नए रास्तों को तलाशना है। गणेश चतुर्थी का यह पावन पर्व हमें यही सिखाता है कि जब लोग एकजुट होकर किसी अच्छे काम की शुरुआत करते हैं तो भगवान का आशीर्वाद भी उनके साथ होता है। हम इसी आस्था और कला के जरिए समाज में एक सकारात्मक संदेश देना चाहते हैं।
इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में सिर्फ एक या दो लोगों का हाथ नहीं है बल्कि पूरे अपार्टमेंट के लोगों ने मिलकर दिन-रात मेहनत की है। इस पूरे उत्सव को सुचारू रूप से चलाने में कॉम्प्लेक्स के अध्यक्ष संजीव दुदानी, कोषाध्यक्ष एम पी अग्रवाल, राम अवतार अग्रवाल, मनोज बिनानी, कृष्ण अवतार अग्रवाल, आशीष टेकरीवाल, अरुण कुमार अग्रवाल, अभिषेक जैन, अमित अग्रवाल, अंकित गुप्ता, ललित डागा, अमन अग्रवाल, शैंकी जैन, मिठू चंदा, गौतम बसाक, बिश्वरूप बसु और अनिंद्या बसु जैसे तमाम सदस्यों की सक्रिय भूमिका रही है।

इन सभी ने मिलकर इस गणेशोत्सव को बागुईहाटी का सबसे खास और यादगार आयोजन बना दिया है।यहाँ गणेश चतुर्थी का यह जश्न छह दिनों तक यानी आगामी 18 सितंबर तक पूरे उत्साह के साथ जारी रहेगा। इन छह दिनों के दौरान यहाँ नियमित रूप से धार्मिक अनुष्ठान, महाआरती और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है जिसमें आसपास के लोग भी बड़ी संख्या में हिस्सा ले रहे हैं।
इस पूरे उत्सव का समापन 18 सितंबर को होगा। उस दिन अपार्टमेंट के सभी सम्मानित सदस्य मिलकर भव्य हवन करेंगे और उसके बाद पारंपरिक तरीके से बाजे-गाजे के साथ बप्पा की प्रतिमा का विसर्जन किया जाएगा।
बागुईहाटी के इस एक्जीक्यूटिव पैलेस में इस बार की गणेश चतुर्थी ने साबित कर दिया है कि त्योहार केवल पूजा-पाठ का जरिया नहीं होते बल्कि वे समाज की नब्ज टटोलने और भविष्य की दिशा तय करने का एक बहुत बड़ा मंच भी बन सकते हैं।
अपनी इस अनूठी परिवर्तन थीम के जरिए आयोजकों ने यह दिखा दिया है कि बंगाल का हर नागरिक अब बदलाव की बयार चाहता है और एक मजबूत, समृद्ध तथा विकसित राज्य के सपने को सच करने के लिए पूरी तरह से तैयार है।