ब्राजील को 1994 का फुटबॉल विश्व कप जिताने वाले दिग्गज कोच कार्लोस अल्बर्टो परेरा की तबीयत गंभीर होने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। ब्राजील के समरिटानो बारा अस्पताल ने पुष्टि की है कि 82 वर्षीय परेरा कैंसर से जूझ रहे हैं और उनका इलाज जारी है। हालांकि अस्पताल प्रशासन ने उनकी वर्तमान स्वास्थ्य स्थिति और भर्ती होने की तारीख से जुड़ी विस्तृत जानकारी सार्वजनिक करने से इनकार कर दिया है।
कार्लोस अल्बर्टो परेरा को वर्ष 2023 में हॉजकिन लिंफोमा नामक कैंसर का पता चला था। यह लसीका तंत्र (लिम्फेटिक सिस्टम) से जुड़ा एक प्रकार का कैंसर है, जिसका लंबे समय से उनका इलाज चल रहा है। हाल के दिनों में उनकी तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
1994 विश्व कप विजेता ब्राजील टीम के सदस्य रहे पूर्व फुटबॉलर और परेरा के करीबी मित्र जिन्हो ने मीडिया से बातचीत में बताया कि पूर्व कोच की हालत चिंताजनक बनी हुई है। उनके अनुसार फेफड़ों से जुड़ी जटिलताओं के कारण परेरा को वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया है। हालांकि डॉक्टर लगातार उनकी निगरानी कर रहे हैं और उनकी स्थिति फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।
जिन्हो ने कहा, “उनकी हालत अच्छी नहीं है, लेकिन डॉक्टर अपनी पूरी कोशिश कर रहे हैं। हमें उम्मीद बनाए रखनी होगी और उनके लिए प्रार्थना करनी चाहिए। फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि उनका इलाज सही तरीके से चल रहा है।”
कार्लोस अल्बर्टो परेरा का नाम फुटबॉल इतिहास के सबसे सफल और सम्मानित कोचों में लिया जाता है। उन्होंने 1994 में अमेरिका में आयोजित विश्व कप में ब्राजील को चौथी बार विश्व चैंपियन बनाया था। उनकी रणनीति, अनुशासन और टीम प्रबंधन क्षमता की उस समय दुनिया भर में सराहना हुई थी।
परेरा ने केवल विश्व कप ही नहीं, बल्कि ब्राजील को कई अन्य महत्वपूर्ण खिताब भी दिलाए। उनके मार्गदर्शन में ब्राजील ने 2004 का कोपा अमेरिका और 2005 का फीफा कन्फेडरेशन कप जीता। ब्राजील फुटबॉल महासंघ के आंकड़ों के अनुसार उन्होंने राष्ट्रीय टीम को 177 मैचों में कोचिंग दी, जिनमें से 124 मुकाबलों में जीत मिली, 39 मैच ड्रॉ रहे और केवल 14 में हार का सामना करना पड़ा।
उनका अंतरराष्ट्रीय कोचिंग करियर बेहद व्यापक रहा है। उन्होंने चार अलग-अलग देशों की टीमों को विश्व कप में कोचिंग दी। 1982 में कुवैत, 1990 में संयुक्त अरब अमीरात, 1998 में सऊदी अरब और 2010 में दक्षिण अफ्रीका की टीमों के साथ उन्होंने विश्व कप में हिस्सा लिया। यह उपलब्धि बहुत कम कोचों को हासिल हुई है।
परेरा 1970 में विश्व कप जीतने वाली ब्राजील टीम के कोचिंग स्टाफ का भी हिस्सा रहे थे। इसके अलावा 2014 विश्व कप में उन्होंने ब्राजील टीम के समन्वयक के रूप में काम किया, जब लुइज़ फेलिप स्कोलारी मुख्य कोच थे।
फुटबॉल जगत में परेरा का योगदान असाधारण माना जाता है। उनकी बीमारी की खबर सामने आने के बाद दुनिया भर के फुटबॉल प्रशंसक और पूर्व खिलाड़ी उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं। ब्राजील के इस महान कोच की स्वास्थ्य स्थिति पर पूरे फुटबॉल जगत की नजर बनी हुई है।