फीफा विश्व कप 2026 में गोल्डन बूट की दौड़ लगातार दिलचस्प होती जा रही है। 68 साल बाद ऐसा देखने को मिला जब विश्व कप के चार मुकाबले एक ही दिन ड्रॉ रहे, लेकिन अगले ही दिन गोलों की झड़ी लग गई। फुटबॉल जगत के कई बड़े सितारों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अपनी-अपनी टीमों को जीत दिलाई और साथ ही गोल्डन बूट की रेस को भी और रोमांचक बना दिया।
इंग्लैंड के कप्तान हैरी केन ने क्रोएशिया के खिलाफ दो गोल दागकर अपनी दावेदारी मजबूत कर ली। 2018 विश्व कप के गोल्डन बूट विजेता केन ने अपने विश्व कप करियर का 10वां गोल किया और इस उपलब्धि के साथ इंग्लैंड के लिए विश्व कप में सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ियों की सूची में गैरी लाइनकर की बराबरी कर ली। 31 वर्षीय स्ट्राइकर एक बार फिर टूर्नामेंट के शीर्ष स्कोररों में शामिल हो गए हैं।
दिन का सबसे बड़ा आकर्षण अर्जेंटीना के कप्तान लियोनेल मेस्सी रहे। उन्होंने अल्जीरिया के खिलाफ 3-0 की जीत में शानदार हैट्रिक लगाई। यह उनके अंतरराष्ट्रीय करियर का 200वां मैच था, जिसे उन्होंने ऐतिहासिक अंदाज में यादगार बना दिया। अपने 39वें जन्मदिन से ठीक पहले मेस्सी विश्व कप इतिहास में हैट्रिक लगाने वाले सबसे उम्रदराज खिलाड़ी बन गए। इसके साथ ही उन्होंने विश्व कप में अपने कुल गोलों की संख्या 16 तक पहुंचाकर जर्मनी के महान स्ट्राइकर मिरोस्लाव क्लोज़ के सर्वाधिक गोलों के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली।
नॉर्वे के स्टार स्ट्राइकर एर्लिंग हालैंड ने भी अपनी ताकत का प्रदर्शन किया। उन्होंने इराक के खिलाफ दो गोल दागकर नॉर्वे को 4-1 की बड़ी जीत दिलाई। हालैंड के दमदार प्रदर्शन की बदौलत नॉर्वे ने 26 वर्षों बाद विश्व कप में वापसी की है। अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल में उनका यह 57वां गोल था, जिसने एक बार फिर साबित कर दिया कि वह दुनिया के सबसे खतरनाक फॉरवर्ड खिलाड़ियों में से एक हैं।
फ्रांस के किलियन म्बाप्पे ने भी अपने पहले मैच में शानदार खेल दिखाया। पिछले विश्व कप के शीर्ष गोल स्कोरर रहे म्बाप्पे ने अपनी तेज रफ्तार और आक्रामक खेल से विपक्षी रक्षा पंक्ति को लगातार परेशान किया और टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई। उनके प्रदर्शन ने संकेत दिया है कि वह लगातार दूसरे विश्व कप में गोल्डन बूट जीतने की क्षमता रखते हैं।
विश्व कप के अंत में सबसे अधिक गोल करने वाले खिलाड़ी को एडिडास गोल्डन बूट पुरस्कार दिया जाता है। यदि दो या अधिक खिलाड़ी समान संख्या में गोल करते हैं तो सबसे पहले असिस्ट की संख्या देखी जाती है। यदि वहां भी बराबरी रहती है, तो पूरे टूर्नामेंट में कम समय खेलने वाले खिलाड़ी को वरीयता दी जाती है।
फिलहाल मेस्सी अपनी हैट्रिक की बदौलत सबसे आगे हैं, लेकिन केन, हालैंड और म्बाप्पे जैसे सितारे उनके बेहद करीब हैं। ऐसे में आने वाले मुकाबलों में गोल्डन बूट की यह जंग और भी रोमांचक होने वाली है।