आवाज द वाॅयस /नई दिल्ली
भारतीय हॉकी के लिए यह एक ऐतिहासिक क्षण है। भारतीय टीम के अनुभवी मिडफील्डर और पूर्व कप्तान मनप्रीत सिंह ने देश के लिए सबसे अधिक अंतरराष्ट्रीय हॉकी मैच खेलने का नया रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। 33 वर्षीय मनप्रीत ने 413वां अंतरराष्ट्रीय मैच खेलकर भारतीय हॉकी के दिग्गज दिलीप तिर्की का रिकॉर्ड तोड़ दिया, जिनके नाम 412 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने का रिकॉर्ड दर्ज था।
मनप्रीत ने यह उपलब्धि नीदरलैंड्स के रॉटरडैम में एफआईएच हॉकी प्रो लीग 2025-26 के मुकाबले में जर्मनी के खिलाफ हासिल की। इस ऐतिहासिक उपलब्धि के बाद हॉकी इंडिया ने उन्हें बधाई देते हुए 10 लाख रुपये की नकद पुरस्कार राशि देने की घोषणा की है।

भारतीय हॉकी के 100 वर्ष पूरे होने के अवसर पर मनप्रीत की यह उपलब्धि और भी खास बन गई है। पिछले डेढ़ दशक से भारतीय हॉकी के प्रमुख स्तंभ रहे मनप्रीत ने अपनी मेहनत, नेतृत्व क्षमता और निरंतर प्रदर्शन से टीम को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
साल 2011 में महज 19 वर्ष की उम्र में अंतरराष्ट्रीय हॉकी में पदार्पण करने वाले मनप्रीत ने जल्द ही अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। मिडफील्ड में उनकी तेज़ी, खेल को नियंत्रित करने की क्षमता और दबाव में शानदार प्रदर्शन ने उन्हें भारतीय टीम का अभिन्न हिस्सा बना दिया। समय के साथ वे टीम के कप्तान बने और भारतीय हॉकी के पुनरुत्थान के प्रमुख चेहरों में शामिल हुए।
मनप्रीत का करियर भारतीय हॉकी के सुनहरे दौर का प्रतीक रहा है। उन्होंने भारत को 2021 के टोक्यो ओलंपिक में ऐतिहासिक कांस्य पदक दिलाने वाली टीम का नेतृत्व किया। यह पदक 41 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद भारत को ओलंपिक हॉकी में मिला था। इसके बाद 2024 के पेरिस ओलंपिक में भी भारतीय टीम ने कांस्य पदक जीतकर अपनी सफलता को दोहराया।
इसके अलावा मनप्रीत 2014 और 2022 एशियाई खेलों में भारत की स्वर्ण पदक विजेता टीम का हिस्सा रहे। उन्होंने 2017 और 2025 एशिया कप जीतने में भी अहम योगदान दिया। एशियन चैंपियंस ट्रॉफी सहित कई अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में उनकी भूमिका भारतीय टीम की सफलता की आधारशिला रही है।
𝐁𝐄𝐇𝐈𝐍𝐃 𝐄𝐕𝐄𝐑𝐘 𝐃𝐑𝐄𝐀𝐌 𝐈𝐒 𝐀 𝐌𝐎𝐓𝐇𝐄𝐑'𝐒 𝐁𝐄𝐋𝐈𝐄𝐅 💙🏑
— Hockey India (@TheHockeyIndia) June 17, 2026
India's iconic midfielder Manpreet Singh's mother sends her blessings to her son as he wears the India jersey for the 413th time, the most by an Indian hockey player, during the FIH Hockey Pro League… pic.twitter.com/4uwaZD6HbR
विश्व हॉकी में भी मनप्रीत का यह रिकॉर्ड बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। 413 अंतरराष्ट्रीय मैचों के साथ वे पुरुष हॉकी में सर्वाधिक मैच खेलने वाले खिलाड़ियों की सूची में पांचवें स्थान पर पहुंच गए हैं। उनसे आगे केवल बेल्जियम के जॉन-जॉन डोहमेन (481), नीदरलैंड्स के ट्यून डी नूयर (453), ऑस्ट्रेलिया के एडी ओकेन्डेन (451) और ग्रेट ब्रिटेन के बैरी मिडलटन (432) हैं।
विशेष बात यह है कि मनप्रीत वर्तमान में दुनिया के एकमात्र सक्रिय खिलाड़ी हैं जिन्होंने 400 से अधिक अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं। यह उपलब्धि उनकी फिटनेस, निरंतरता और खेल के प्रति समर्पण को दर्शाती है।मनप्रीत को भारतीय हॉकी में उनके योगदान के लिए कई प्रतिष्ठित सम्मान भी मिल चुके हैं। उन्हें 2018 में अर्जुन पुरस्कार और 2021 में देश के सर्वोच्च खेल सम्मान मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर खुशी व्यक्त करते हुए मनप्रीत सिंह ने कहा, “भारत के लिए इतने मैच खेलना मेरे लिए गर्व की बात है। देश का प्रतिनिधित्व करना हमेशा मेरे जीवन का सबसे बड़ा सम्मान रहा है। मैं इस उपलब्धि को अपने साथियों, परिवार और हॉकी इंडिया को समर्पित करता हूं, जिन्होंने हर कदम पर मेरा साथ दिया।”
उन्होंने कहा कि ओलंपिक स्वर्ण पदक जीतने का सपना आज भी उन्हें प्रेरित करता है। उनके अनुसार, परिवार, टीम के साथी और बच्चे उन्हें लगातार बेहतर प्रदर्शन करने की प्रेरणा देते हैं।हॉकी इंडिया के अध्यक्ष और पूर्व रिकॉर्डधारी दिलीप तिर्की ने मनप्रीत को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि उनकी असाधारण प्रतिबद्धता, जुनून और निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि मनप्रीत ने भारतीय हॉकी की कई ऐतिहासिक सफलताओं में केंद्रीय भूमिका निभाई है और उनका यह रिकॉर्ड आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करेगा।
𝐌𝐀𝐍𝐏𝐑𝐄𝐄𝐓'𝐒 𝐁𝐈𝐆𝐆𝐄𝐒𝐓 𝐂𝐇𝐄𝐄𝐑𝐋𝐄𝐀𝐃𝐄𝐑𝐒 𝐀𝐑𝐄 𝐀𝐋𝐋 𝐒𝐄𝐓 💙🏑
— Hockey India (@TheHockeyIndia) June 17, 2026
In a message from his strongest support system, Manpreet's wife, with their two kids by her side, sends a heartfelt message to her husband as he dons the India jersey for a record 413th time --… pic.twitter.com/DFbnMRWYGy
हॉकी इंडिया के महासचिव भोला नाथ सिंह ने भी मनप्रीत की सराहना करते हुए कहा कि उनका करियर अनुशासन, समर्पण और उत्कृष्टता का आदर्श उदाहरण है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि केवल मनप्रीत की व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि पूरे भारतीय हॉकी परिवार के लिए गर्व का क्षण है।
413वां मैच केवल एक आंकड़ा नहीं, बल्कि उस खिलाड़ी की कहानी है जिसने 15 वर्षों तक भारतीय हॉकी की उम्मीदों को अपने कंधों पर उठाया और हर चुनौती का सामना करते हुए इतिहास में अपना नाम स्वर्ण अक्षरों में दर्ज करा दिया।